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जांच के दायरे में आए दोनों आईएएस से रविवार को होगी पूछताछ

Thu, 09 Aug 2018 12:52 AM IST
ब्यूरो/ऊधमसिंह नगर
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घोटाला - फोटो : amar ujala
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एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में आर्बिट्रेशन के मामलों में अनियमितता मिलने के बाद एसआईटी की जांच के दायरे में आए आईएएस पंकज पांडे और चंद्रेश यादव से एसआईटी 12 अगस्त तक पूछताछ कर लेगी। एसआईटी ने दोनों अधिकारियों को नोटिस भेजकर बयान दर्ज करने के लिए 12 अगस्त तक का समय दिया है। इससे पहले भेजे गए नोटिस में दोनों आईएएस अधिकारियों ने 18 अगस्त तक का समय मांगा था। 

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अनियमितताओं के साक्ष्य मिलने के बाद एसआईटी ने कुछ दिन पूर्व करीब सवा चार सौ पन्नों की रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपी थी। शासन से पूछताछ की अनुमति मिलने के बाद एसआईटी ने दोनों अधिकारियों को नोटिस भेजा था, जिसके जवाब में उन्होंने 18 अगस्त तक अपना बयान देने की बात एसआईटी से कही, लेकिन एसआईटी की जांच अपने अंतिम चरण में होने के कारण एसआईटी ने इस समयावधि को अधिक मानते हुए अब एक और नोटिस भेजकर दोनों आईएएस से 12 अगस्त तक अपने बयान दर्ज करने को कहा है। माना जा रहा है कि एसआईटी 12 अगस्त तक देहरादून पहुंचकर दोनों आईएएस अधिकारियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज कर लेगी।

उल्लेखनीय है कि भूमि मुआवजा घोटाले में तत्कालीन अफसरों और काश्तकारों की जांच के बाद आर्बिट्रेशन के भी कुछ मामलों में अनियमितताओं के प्रकरण एसआईटी के सामने आए थे। मामलों में साक्ष्य जुटाने के लिए एसआईटी ने तत्कालीन एसएलओ डीपी सिंह और अनिल शुक्ला की ओर से पारित किए गए अभिनिर्णय आदेशों की जांच की। 
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जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि दोनों एसएलओ की ओर से पारित किए गए 16 अभिनिर्णयों के वाद  तत्कालीन डीएम पंकज पांडे और चंद्रेश यादव के आर्बिट्रेशन न्यायालय में दायर हुए थे। सभी वादों में उक्त आर्बिट्रेटरों की ओर से पारित किए गए संशोधित अभिनिर्णय के आधार पर एनएचएआई ने काश्तकारों को करोड़ों का मुआवजा बांट दिया। एक मामला ऐसा भी पाया गया, जिसमें आर्बिट्रेटर ने अपना तबादला होने के बाद भी फैसला सुना दिया।

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