अज्ञात कारणों चलते थाना क्षेत्र के जसौली गांव निवासी राजीव कश्यप (24) पुत्र रामविलास और उसकी पत्नी नीलम (20) ने सोमवार शाम को दुपट्टे से फंदा बनाकर कमरे में कुंडे के लटककर आत्महत्या कर ली। शाम करीब सात बजे जब बड़े भाई रमेश की बेटी पानी की बाल्टी लेने के लिए घर आई तो एक ही कुंडे पर दो अलग-अलग फंदों पर दोनों का शव लटकता देख उसके होश उड़ गए। इसकी सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में ले लिया है। परिजनों से हुई बातचीत के बाद भी कारणों का पता नहीं लग सका है।
जसोली गांव निवासी राजीव की शादी एक साल पहले भुता (बरेली) के बुधौली गांव निवासी नीलम से हुई थी। सोमवार सुबह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ राजीव भी मजदूरी पर गांव के सेठपाल के खेत पर गेहूं काटने के लिए गया था। दोपहर करीब 12 बजे राजीव घर आ गया। बकाया परिजन खेत पर ही गेहूं की कटाई करने को रूके रहे। इस बीच अज्ञात कारणों के चलते दोनों ने दुपट्टे से फंदा बनाकर कमरे में एक ही कुंडे पर फंदा लगाकर जान दे दी। शाम करीब सात बजे बड़े भाई की बेटी शीतल घर पर पानी की बाल्टी लेने पहुंची तो कमरे में नवदंपति के शव को लटकता देख उसके होश उड़ गए। चीख पुकार होने पर आसपास के ग्रामीण जमा हो गए। खेत पर काम कर रहे परिजन भी आ गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। जिसके बाद सीओ बीसलपुर अनुराग दर्शन, कोतवाल माधो सिंह विष्ट पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फंदे पर लटकते दोनों के शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में ले लिया। कोतवाल माधो सिंह विष्ट ने बताया कि आत्महत्या के पीछे कारणों को लेकर परिजन कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं। लड़की के परिजनों को सूचना दे दी गई है। वह भी मौके पर पहुंच रहे हैं। फिलहाल दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
आखिर क्या रही नवदंपति के साथ जान देने की वजह?
परिजनों के अनुसार नहीं था कोई विवाद, एक थाली में खाते थे खाना
एक साल पहले ही साथ-जीने मरने की कसम खाते हुए शादी के पवित्र बंधन में बंधे बीसलपुर के जसोली गांव निवासी नवदंपति राजीव और नीलम के अचानक आत्महत्या करने के बाद कारणों का स्पष्ट न होना कई सवाल खड़े कर गया है। आखिर क्या वजह रही कि इस तरह अचानक दोनों ने अपनी जान देने का फैसला कर लिया।
मृतक की भाभी नन्हीं देवी व अन्य परिजनों के अनुसार दोनों के बीच कोई विवाद नहीं था। वह हंसी खुशी जीवन गुजार रहे थे। यह भी बताया कि दोनों के बीच इतने मधुर संबंध थे कि दोनों एक ही थाली में खाना खाते थे। उनके बीच किसी तरह की परेशानी चल रही होगी। इसका भी किसी को कोई आभास नहीं था। सोमवार को दिन में गेहूं काटने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गए थे। उस वक्त भी राजीवके चेहरे पर कोई परेशानी नहीं दिखाई दी। जिसको लेकर परिजनों को उनके इस तरह से जान देने को लेकर कोई इशारा मिल पाता। गांव के लोग भी दोनों के फांसी लगाने की खबर सुनकर अचंभित से दिखाई दिए। हर कोई उनकी मौत के पीछे छिपे कारणों को लेकर अनभिज्ञता जताता रहा। मृतक के दो भाइयों में छोटा था और मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाता था। उसके चार बहनें सरोज, गुड्डी, बुद्धोदेवी और चांदनी हैं। परिवार गरीब है और मेहनत मजदूरी कर गुजर बसर करता है।