एडवोकेट और नेशनल शूटर सुखमनप्रीत सिंह उर्फ सिप्पी मर्डर केस केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को ट्रांसफर होने के बाद बुधवार को एजेंसी ने जांच शुरू कर दी। सीबीआई की एक टीम अधिकारियों के साथ सेक्टर-27 के पार्क में पहुंची, जहां सिप्पी का पिछले साल 20 सितंबर को मर्डर हुआ था।
जांच टीम ने मर्डर किस तरह हुआ यह जानने के लिए क्राइम सीन को रिक्रिएट किया। इस दौरान एजेंसी ने पुलिस की ओर से सौंपी गई घटनास्थल की रिपोर्ट को भी क्रॉस चेक किया। वहीं बुधवार को सिप्पी के परिजन भी सेक्टर-30 स्थित सीबीआई कार्यालय पहुंचे हुए थे।
सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने केस की पड़ताल शुरू कर दी है। सबसे पहले वह यूटी पुलिस की ओर से सौंपी गई फाइलों की जांच कर रही है। साथ ही देख रही है कि इसमें पुलिस की ओर से क्या जांच की गई, ताकि हत्या से जुड़ा कोई सुराग हासिल हो सके। सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी केस की जांच से जुड़े और मर्डर के बाद घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों को भी समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाएगी।
साथ ही उनके बयान दर्ज करवाएगी। इसके अलावा सीबीआई ने पुलिस फाइल और पीड़ित परिवार के बयानों के अलावा केस से जुड़े तथ्यों को खंगालना शुरू कर दिया है। बता दें कि यूटी पुलिस से केस ट्रांसफर होने के बाद पिछले सप्ताह ही सीबीआई ने मामले में नई एफआईआर दर्ज की थी।
ये है मामला
इंटरनेशनल शूटर और एडवोकेट सुखमनप्रीत सिंह उर्फ सिप्पी (35) का 20 सितंबर 2015 को सेक्टर-27 के पार्क में शव मिला था। उसकी गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने मामले की परत दर परत जांच की तो इसमें हाईकोर्ट की एक जज की बेटी की भूमिका संदिग्ध पाई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। साथ ही संदिग्ध जज की बेटी को दो बार थाने बुलाकर उससे पूछताछ भी की थी। उसके जांच में सहयोग न करने पर पुलिस ने जिला अदालत में अर्जी दायर की थी।
इसमें उसका लाई डिटेक्टर और ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराने की अपील की गई थी। याचिका पर उसे नोटिस जारी हुआ था। हालांकि अभी याचिका पर फैसला कोर्ट में विचाराधीन ही है। वहीं सिप्पी के परिजनों के प्रदर्शन और काफी प्रयास के बाद जाकर पंजाब और हरियाणा के राज्यपाल और यूटी के प्रशासक कप्तान सिंह सोलंकी ने केस सीबीआई को ट्रांसफर करने के आदेश दिए थे।