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असली-नकली के फर्क में जीआरपी भी खा गई मात

Tue, 21 Nov 2017 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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rupay, jhansi news - फोटो : demo
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नोट बरामद करने के बाद असली और नकली की पहचान करना भी जीआरपी के लिए मुश्किल भरा हो गया था। जीआरपी के सिपाही पंप पर गए और वाहन में पेट्रोल भी भरवाया। पुलिस के साथ-साथ पंप कर्मचारियों ने भी नोट लेकर पेट्रोल डाल दिया था। इसके बाद दूसरा असली नोट देकर कर्मचारियों को नकली नोट होने की जानकारी दी गई।
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पकड़े गए युवकों से बरामद नकली नोटों के तार दिल्ली से जुड़े हैं। पूछताछ में पुलिस अफसरों को युवकों ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। पता चला है कि दिल्ली से नोट लाकर झांसी के साथ-साथ आसपास के जिलों में चला रहे थे। देखने में यह नोट पूरी तरह असली नजर आते थे। इनको आसानी से दोनों युवक चला रहे थे। असली दिखने के कारण इनको पहचानना मुश्किल भरा है। एसपी रेलवे डा. ओमप्रकाश ने बताया कि फिरोज के पास से 78 हजार एवं सगुन कुशवाहा के पास से चालीस हजार रुपए बरामद हुए। बरामद नकली नोटों को पहचानने में जीआरपी भी गच्चा खा गई थी। इसके बाद जीआरपी टीम को पेट्रोल पंप पर भेजकर पेट्रोल भी वाहन में भरवाया था। पुलिस के साथ-साथ पेट्रोल पंप कर्मचारी भी मात खा गए थे और वाहन में दो हजार रुपए का पेट्रोल डाल दिया था। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने पेट्रोल पंप कर्मचारियों को नकली नोट होने की जानकारी दी। जिसे सुनकर पेट्रोल कर्मचारी सकते में आ गए। इसके बाद दो हजार रुपए का असली नोट देकर नकली वाला वापस लिया गया।

सीओ शरद प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों युवक दिल्ली की एक गैंग के साथ मिलकर नकली नोटों का कारोबार कर रहे थे। इसकी सूचना भी उनको मिल रही थी। लेकिन, युवक पकड़ में नहीं आ रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि नकली नोटों को चलाने के बाद इसमें से असली रुपयों का हिस्सा दिल्ली गैंग के सदस्यों के पास भी जाता था। पूछताछ में यह भी पता चला है कि दोनों ही अकेले नकली नोटों को खपाने का धंधा कर रहे थे। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसआई राजा भइया, शिवप्रताप रावत, अंकित राज, अनिल कुमार भी मौजूद थे।
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घर से लाई गई पेंट में मिला नकली नोट
दोनों युवकों के पकड़े जाने की खबर परिजनों तक भी पहुंच चुकी थी। सूचना पाकर फिरोज की मां भी कपड़े व खाना लेकर जीआरपी थाने पहुंची। उसकी मां साथ में पेंट भी लाई थी। इसी बीच जैसे ही सिपाही ने पेंट की तलाशी तो उसमें से दो हजार रुपये का एक और नकली नोट बरामद हुुआ। इसके बाद पुलिस ने मां से भी पूछताछ की, लेकिन वह कोई जानकारी नहीं दे सकी।

चार नोटों के सीरियल से बने थे नकली नोट
पता चला है कि नकली नोटों के सीरियल से आगे के नंबर बढ़ाकर नकली नोट बनाए गए थे। इसीलिए यह साफ है कि नोट प्रिंटर से नहीं बल्कि अन्य दूसरी तरीके से तैयार किए जा रहे हैं। नोटों को इतनी सफाई से तैयार किया जा रहा है कि पहचानना भी मुश्किल भरा है।

मोबाइल से मिले पुलिस को अहम सुराग
दोनाें के पास से पुलिस ने मोबाइल भी बरामद किए हैं। पता चला है कि मोबाइल से दोनों की दिल्ली बात भी हुई थी। इसमें मिले कुछ नंबर महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते हैं। पुलिस ने मोबाइल पर आने वाली कॉलों को भी खंगालना शुरू कर दिया है। लंबे समय से दोनों के आने-जाने के इनपुट मिल रहे थे। इसको लेकर जीआरपी सतर्क थी। पकड़े गए दोनों युवकों का नेटवर्क खंगाला जाएगा। इसके लिए दिल्ली पुलिस की भी मदद ली जाएगी।
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डा. ओपी सिंह
पुलिस अधीक्षक रेलवे

इस तरह होगी पहचान
- आरबीआई ने नए नोटों पर 17 चिन्ह बनाए हैं, जिनसे पहचान आसान है।
- नोट को ध्यान से देखा जाए तो इसमें 1 से 17 तक के नंबर लिखे है।
- हर नंबर के सामने एक चिन्ह है, इससे भी पहचान होगी।
- दो हजार रुपए के नए नोट का बैस कलर मैजेंटा है
- इस नोट का साइज 66 मिमी गुणा 166 मिमी है।
- नोट के फ्रंट पर महात्मा गांधी और पीछे की तरफ मंगलयान की तस्वीर लगी है।
- 500 रुपए के नए नोटों के रंग, थीम, डिजाइन और सिक्योरिटी फीचर की जगह पुराने नोट की तुलना में अलग हैं।
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