भरुआसुमेरपुर कस्बे में छेड़खानी व धमकियों से आजिज एक छात्रा के जहर खाने के मामले में पुलिस मुखबिरों की सहायता से आरोपी को गिरफ्तार कर वाहवाही लूटने की कोशिश कर रही है। लेकिन सच यह है कि पुलिस की उदासीनता व शिथिलता से ही कस्बे में शोहदों के हौसले बुलंद हैं। स्कूल व कोचिंग जाने वाली छात्राओं से आएदिन छेड़खानी व छींटाक शी का सिलसिला जारी रहता है। जहर खाने वाली छात्रा की उपचार के बाद अब हालत ठीक है।
गुरुवार को पुलिस की शिथिलता तथा शोहदे की धमकी से आजिज आकर कस्बे की एक छात्रा ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। छात्रा के जहर खाने की बात जैसे ही पुलिस के पास पहुंची। तो उसके हाथ पैर फूल गए। आनन-फानन में थानाध्यक्ष ने शोहदे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दबिश देनी शुरू कर दी।
दबाव बनाने के लिए थानाध्यक्ष ने आरोपी के भाई व मां को रात दस बजे तक थाने में बैठाए रखा। दलालों और मुखबिराें की सहायता से रात दस बजे आरोपी थाने लाया गया। तब भाई व मां को छोड़ा। पुलिस अपनी इस सफलता पर पीठ जरूर थपथपा रही है। लेकिन सच यह है कि मनचलाें की हरकतों से छात्राओं का स्कूल, कोचिंग में आना जाना मुश्किल हो गया है।
छेड़खानी की आए दिन घटनाएं होने से इन्हें रोजाना शर्मसार होना पड़ता है। क्योंकि पुलिस को स्कूल, कालेजों तथा कोचिंग सेंटरों के आसपास चेकिंग करने की फुर्सत नहीं है। थानाध्यक्ष रामाश्रय यादव का कहना है कि पुलिस फोर्स कम होने तथा काम का अत्यधिक बोझ होने के कारण पुलिस को हर जगह पहुंचने में कठिनाई होती है। फिर भी सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाती है। अपर पुलिस अधीक्षक बीके मिश्रा ने कहा कि शोहदे को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। कहा कि इस घटना की गहराई से जांच की जा रही है।