नगर निगम, प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहयोग से मोहनपुर ठिरिया में चल रहे स्लाटर हाउस से निकलने वाला अपशिष्ट और गंदा पानी नाले के जरिये नकटिया नदी में अवैध रूप से बहाया जा रहा है। शासन से इस मामले में कार्रवाई के आदेश आए तो अधिकारियों में हड़कंप मचा। सोमवार को नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम ने स्लाटर हाउस के अंदर और बाहर बने नाले से सैंपल लिए। मगर स्लाटर हाउस की हिमायत में आए कुछ दबंगों ने न सिर्फ नाले से लिया एक सैंपल टीम से छीन लिया बल्कि शिकायत करने वाले सभासद को भी बंदूक तानकर धमका दिया। सभासद ने तो मामले की तहरीर थाना कैंट में दी है, लेकिन छापा मारने वाली टीम कोई विवाद होने से साफ मुकर गई।
नकटिया स्थित स्लाटर हाउस से निकलने वाली गंदगी मोहनपुर-ठिरिया से होकर गुजरने वाले नाले के जरिए नकटिया नदी में बहाई जा रही है। इसके चलते गांव का भूजल दूषित हो गया है। इसके चलते गांव के लोगों ने हैंडपंप का पानी पीना छोड़ दिया है। नहाने के लिए लोग इस पानी का इस्तेमाल कर लेते हैं, जिसके चलते उन्हें त्वचा और पेट की बीमारियां हो रही हैं। अमर उजाला ने यहां के हालात का खुलासा किया। मामला शासन तक भी पहुंचा और वहां से निर्देश आए तोे अधिकारियों की नींद टूटी। सोमवार दोपहर नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम यहां जांच के लिए पहुंची। निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार, पर्यावरण अभियंता उत्तम कुमार वर्मा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता शशि बिंदकर, वैज्ञानिक एसएस चौहान और खलीक अहमद ने स्लाटर हाउस में ईटीपी मेें जाने एवं निकलने वाले पानी का सैंपल भरा। स्लाटर हाउस में स्थित शेफ्टी टैंक का भी निरीक्षण किया। स्लाटर हाउस में निरीक्षण के बाद टीम मोहनपुर-ठिरिया में पहुंची और वहां स्लाटर हाउस से आने वाले नाले के अपशिष्ट और हैंडपंप के पानी का भी सैंपल लिया।
टीम से छीना सैंपल, सभासद पर तानी बंदूक
स्लाटर हाउस में जांच के बाद टीम ठिरिया नगर पंचायत के कार्यालय पहुंची। वहां पर मिले चेयरमैन तारा बी के बेटे तहसीन से जांच में सहयोग की बात कही। इस पर तहसीन, सभासद मिस्लेयार, साजिद और रौनक अली टीम के साथ मोहनपुर गांव में पहुंचे। टीम के साथ उन लोगों ने पूरे नाले का निरीक्षण कराया और वहां के हालात बताए। मिस्लेयार ने बताया कि उसी दौरान स्कार्पियो में पहुंचे चार लोगों ने टीम की मदद करने को लेकर धमकाते हुए बंदूक तान दी। साथ ही टीम से एक सैंपल भी छीन लिया। आसपास के लोग जुट गए तो आरोपी वहां से फरार हो गए। मिस्लेयार ने इस मामले की तहरीर थाना कैंट में दी है लेकिन निरीक्षण को जाने वाली टीम ने अपने सामने किसी भी तरह का विवाद होने या सैंपल छीनने से इंकार किया है।
निगम तक खुले लाए गए सैंपल
मौके से चार सैंपल लेने के बाद टीम बिना सील किए ही नगर निगम लाए गए। इसके बाद नगर निगम में ही उन्हें सील करके प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम जांच के लिए ले गई। मौके पर न तो किसी व्यक्ति को गवाह बनाया गया और न वहां के किसी व्यक्ति को, जहां से सैंपल लिए गए।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करेगा सैंपल की जांच
स्लाटर हाउस और नाले से चार सैंपल लिए गए हैं। सैंपल नगर निगम में लाने के बाद तय किया गया कि इसकी जांच राज्य स्वास्थ्य संस्थान, लखनऊ से कराई जाएगी। इसके बाद पता लगा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में भी इस जांच को करने की सुविधा है तो फैसला बदल लिया गया और सैंपल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम के हवाले कर दिए गए।
पीएमओ तक पहुंची शिकायत
मोहनपुर-ठिरिया निवासियों की समस्या को लेकर स्थानीय प्रशासन शिथिलता बरत रहा है लेकिन नगर पंचायत की चेयरमैन तारा बी ने भी इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने यहां की समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री से भी शिकायत की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री के विशेष सचिव अमित सिंह ने भी डीएम को जांच कराने के निर्देश दिए थे।
टीमों ने स्लाटर हाउस में सर्वे किया था और वहां से सैंपल भी लिए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम उनकी जांच करेगी और जो भी हकीकत होगी सामने आ जाएगी। सैंपल छीनने या झगड़े की कोई बात जानकारी में नहीं आई है।
- उमेश गौतम, मेयर
नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम ने स्लाटर हाउस और नाले से सैंपल लिए हैं। उनकी जांच कराई जा रही है। अगर कुछ भी गलत पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त