चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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मझगवां के जराखर में ग्रामीण की हत्या में अपर सत्र न्यायाधीश (ईसीएक्ट) राधेश्याम यादव की अदालत ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं इस हत्याकांड में नामजद अभियुक्त के तीन भाइयों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है।
शासकीय अधिवक्ता शैलेश स्वरूप चौरसिया ने बताया जराखर में सात सितंबर 2009 की शाम करीब साढ़े सात बजे जगभान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जगभान घर के सामने दुर्गा प्रसाद की दुकान पर बैठा था। हत्या के मामले में उसके पुत्र राजेश ने आशाराम के पुत्रों महेश्वरी, शिवकुमार, गजेंद्र व प्रेमचंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
घटना के पीछे बच्चों का विवाद था। गंभीर रूप से घायल जगभान को राठ सीएचसी से झांसी रेफर किया गया था। जहां नौ सितंबर को उसकी मौत हो गई। शासकीय अधिवक्ता ने बताया अपर सत्र न्यायाधीश (ईसीएक्ट) राधेश्याम यादव की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में शिवकुमार, गजेंद्र व प्रेमचंद्र को बरी कर दिया। वहीं महेश्वरी को हत्या में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व 11 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
पत्नी की हत्या में आजीवन कारावास
हमीरपुर। दहेज की मांग पूरी न होने पर चार साल पूर्व महिला को जलाकर मार डालने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) ब्रह्मतेज चतुर्वेदी की अदालत ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही 15 हजार रुपये का अर्थदंड दिया है। वहीं हत्याकांड में शामिल सास को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया।
एडीजीसी आनंद कुमार सक्सेना ने बताया थाना सुमेरपुर के टेढ़ा निवासी चांदअली ने अपनी बहन सिताराबानो की शादी थाना मौदहा के टिकरी निवासी सफी मोहम्मद के साथ 30 मई 2013 को की थी। दहेज से उसके ससुराल वाले खुश नहीं थे। वह फ्रिज, टीवी की मांग कर सिताराबानो को प्रताड़ित करने लगे और 24 मई 2014 को उसे जला दिया। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। अदालत ने मामले में पति सफी मोहम्मद को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा व 15 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।