इटावा।दहेज हत्या के मामले में मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मृतका के पति व दो देवरों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं चुकाने पर दो माह के अतिरिक्त कारावास की सजा का भी प्रावधान किया है।
औरैया के अजीतमल थाना क्षेत्र के गांव चपटा में रहने वाले गोविंद की बहन संयोगिता की शादी इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र के हर्राजपुरा गांव निवासी संजय उर्फ संजीत पुत्र रामाधार के साथ हुई थी। दहेज की मांग को लेकर ससुराली संयोगिता को प्रताड़ित करते थे। अतिरिक्त दहेज नहीं मिलने पर संजय दूसरी शादी करने की तैयारी करने लगा। संयोगिता ने इसका विरोध किया। आखिरकार 22 मई 20112 की रात संयोगिता की हत्या कर दी गई। घटना की जानकारी मिलने पर मायकेवाले मौके पर पहुंचे। गोविंद ने 29 मई को मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि शादी में दान दहेज देने के बाद भी ससुराली अतिरिक्त दहेज मांग रहे थे। दहेज नहीं देने पर उसकी बहन की हत्या कर दी गई। बकेवर पुलिस ने मृतका के पति संजय, उसके भाइयों रणजीत व विशाल एवं ससुर रामाधार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचना के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल किया। ससुर के खिलाफ सबूत नहीं मिलने पर उसे अलग कर दिया गया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विवेक त्रिपाठी ने की। पक्ष व विपक्ष की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को न्यायाधीश ने संजय, रणजीत, विशाल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार ने की।