कोलकाता में बच्चों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार बीजेपी नेता की गिरफ्तारी के दौरान हाई ड्रामा हुआ। मीडिया की खबरों के मुताबिक पुलिस ने पूरा जाल बिछाकर बीजेपी नेता को दर दबोचा। पुलिस को खबर लगी थी कि जूही, एमएस चौधरी के साथ नेपाल भागने की फिराक में है इसलिए पुलिस ने प्लान बनाकर उन्हें पकड़ा।
जूही चौधरी को खैरीबारी ब्लॉक में उनके घर से पकड़ा गया है, जो कि भारत-नेपाल बॉर्डर से महज 10 मिनट दूर है। फिल्मी अंदाज में हुई गिरफ्तारी के वक्त पुलिस कर्मी सन्यासियों की वेशभूषा में थे।
दरअसल, खबर मिली थी की एमएस चौधरी जो कि इस मामले में मुख्य आरोपी माना जा रहा है, 10 दिन पहले नेपाल भाग गया था। पुलिस को पता चला कि वो जूही चौधरी को अपने साथ ले जाने के लिए वापस लौटा था।
केसरियां रंग के कपड़ों में सन्यासी बनकर पहुंचे कर्मी
पुलिस को पता था कि अगर वे बिना प्लान के पकड़ने गए तो जूही को पकड़ना आसान नहीं होगा। इसलिए केसरियां रंग के कपड़ों में सन्यासी बनकर हालात का पूरा जायजा लिया गया और फिर अचानक उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद चौधरी को जलपाइगुड़ी कोर्ट ले जाया गया। बता दें कि विमला शिशु गृह की संचालिका चंदना चक्रवर्ती को सीआईडी ने पिछले 18 फरवरी को गिरफ्तार किया था और जूही को उसकी सहयोगी बताया जा रहा है।
शिशु गृह में हो रही थी बच्चों की तस्करी
गौरतलब है कि चंदना चक्रवर्ती और भाजपा की महिला मोर्चा की प्रभारी जूही चौधरी पर नेपाल सीमा से सटे शिशु गृह से 17 बच्चों की तस्करी के आरोप है। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब संचालक चंदना ने इस मामले में जूही के अलावा विजयवर्गीय और गांगुली का नाम लिया।
इस बारे में पूछे जाने पर विजयवर्गीय ने कहा कि कोलकाता पुलिस उनके खिलाफ साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें कोलकता पुलिस पर भरोसा नहीं है, क्योंकि कोलकाता पुलिस में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का कब्जा हो चुका है। यही कारण है कि राज्य में पार्टी के कई नेता लगातार पुलिस के निशाने पर रहे हैं।