ललौली थाना क्षेत्र से दस दिन पहले अपहृत रिजवान (18) का शव गुरुवार सुबह गांव से एक किमी दूर कुएं में मिला। सिर समेत शरीर पर धारदार हथियार से चोट के निशान व हाथ, पैर बंधे होने से हत्या की आशंका जताई जा रही है। पिता की तहरीर पर आठ लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी है। कुछ लोगों को उठाया भी गया है। घटना के पीछे आशनाई की बात भी सामने आ रही है।
रिजवान ललौली थाना क्षेत्र के सिधांव गांव निवासी हसमत अली का बेटा था। वह मुंबई में प्राइवेट नौकरी करता था। दो माह पहले गांव लौटकर आया था। 30 जनवरी की देर शाम गांव में ही अलाव तापते देखा गया था। इसके बाद से वह किसी को नहीं दिखा था। परिजन उसकी खोजबीन करते रहे लेकिन पता नहीं चला। पिता की तहरीर पर पुलिस ने एक फरवरी को गुमशुदगी दर्ज की। उधर, चकपैगंबर गांव के मुन्ना सिंह गुरुवार को अपने नलकूप स्थित मंदिर गए थे। मंदिर के बगल में ही निजी कुआं है।
दुर्गंध आने पर झांका तो शव उतराता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रस्सी के सहारे शव को बाहर निकाला। हाथ पैर बंधे थे, चेहरे, सिर, आंख समेत कई अंगों में गहरे घाव मिले। वह सिर्फ पैंट पहने था। हसमत अली ने शिनाख्त की। हसमत अली ने गांव के घनश्याम और उसके बेटों राजू व आनंद, नाती भूपेंद्र, चुनका, मुन्नीलाल, लाची व लक्ष्मी को नामजद किया है। उनका आरोप है कि 30 जनवरी की रात को ही बेटे को तमंचे के बल पर अगवा कर ले गए थे। चकपैगंबरपुर गांव में कुल्हाड़ी से बेटे का कत्ल किया। इसके बाद रस्सी बांधकर कुएं में फेंका होगा। एसओ श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि अपहरण, हत्या और लाश छिपाने के आरोप की एफआईआर दर्ज की गई है। धरपकड़ शुरू की गई है। जल्द ही पर्दाफाश हो जाएगा। हत्या की सही वजह आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही सामने आएगी। कहा जा रहा है कि आरोपी पक्ष की एक लड़की करीब एक साल पहले रिजवान के रिश्तेदार संग चली गई थी। लड़की को भगाने में आरोपी पक्ष के लोग रिजवान का हाथ मानते थे। इसी खुन्नस का बदला लेने के लिए हत्या की गई होगी। रिजवान का भी प्रेम प्रसंग होने की आशंका पर भी जांच हो रही है।