शहर के एक वरिष्ठ अधिवक्ता के बेटे का सोमवार की दोपहर अपहरण करने की कोशिश की गई। बाइक सवार तीन लोगों ने अधिवक्ता के बेटे को ईदगाह के पास से लिफ्ट देकर बाइक पर बैठा लिया और उसे लेकर दूसरी ओर चल पड़े। इस पर अधिवक्ता के बेटे ने अचानक बाइक को चाभी से बंद कर दिया और कूद कर बच निकला।
इस पर बाइक सवार तीनों लोग भाग निकले। खबर पाकर पहुंची डायल-100 टीम ने शक के आधार पर एक युवक को दबोचा है। पुलिस का कहना है कि मामले में केस दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता हारिश कमाल अय्यूबी के बेटे उमर के अपहरण की कोशिश की गई। अधिवक्ता के मुताबिक उनका बेटा उमर लखनऊ में सिविल की तैयारी कर रहा है। वह हाल ही मेें लखनऊ से शहर के तरीनपुर स्थित अपने घर आया था। सोमवार को वह अपने दोस्त से मिलकर वापस पैदल ही घर जा रहा था।
जब वह ईदगाह के पास पहुंचा तो एक बाइक पर सवार तीन युवक उसे मिले। उन लोगों ने उसे घर छोड़ देनी की बात कही। इस पर उमर उन्हें सीनियर छात्र समझकर उनकी बाइक पर बैठ गया। तीनों युवक उसे लेकर चले, लेकिन जब वह उमर के घर जाने वाली गली में नहीं मुड़े तो उमर को शक हुआ। उसने चलती बाइक को चाभी घुमा कर बंद कर दिया और बाइक धीमी होते ही कूद गया। उमर के कूदने पर बाइक सवार अनियंत्रित हुए, लेकिन खुद को फंसता देखकर भाग निकले।
इसके बाद अधिवक्ता के बेटे ने डायल-100 पर सूचना दी। खबर पाते ही पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच की। उमर को लेकर जिधर बाइक सवार लोग भागे थे उसी ओर पुलिस टीम रवाना हो गई। कुछ दूरी पर एक युवक पैदल निकल रहा था। उमर ने पुलिस को बताया कि उन लोगों में यह युवक भी था।
इस पर पुलिस ने शक के आधार पर शहर के गौशाला निवासी अभिषेक नाम के युवक को पकड़ लिया। मामले को लेकर अधिवक्ता की ओर से बेटे के अपहरण की कोशिश को लेकर तहरीर दी गई है। इंस्पेक्टर परशुराम सिंह का कहना है कि एक अभिषेक नाम के युवक को शक के आधार पर पकड़ा गया है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।