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सट्टा माफिया चतुरा की 35 करोड़ की संपत्ति सीज

Sat, 17 Jun 2017 12:23 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस।
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Police Seiged Property - फोटो : amar Ujala
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हाथरस। सट्टा माफिया चतुर्भुज गुप्ता उर्फ चतुरा के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को उसके लखन-किशन गेस्ट हाउस, गेस्ट हाउस के बाहर बन रहे नए होटल और गेस्ट हाउस से सटे बाग की करीब 35 करोड़ रुपये की संपत्ति के जब्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी। शुक्रवार को एसडीएम अमिताभ यादव और सीओ सिटी आरके गौतम के नेतृत्व में पांच थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा और चतुरा के गेस्ट हाउस को सीज कर दिया गया।                   
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यूपी सरकार द्वारा माफिया और शातिर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। चतुरा को बीते साल तत्कालीन एसपी अजयपाल शर्मा की संस्तुति पर डीएम ने गैंगस्टर एक्ट के तहत निरुद्ध किया था। इसके बाद चतुरा की संपत्ति को कुर्क किए जाने की बात भी पुलिस अधिकारियों ने कही थी, लेकिन ऐसा किया नहीं गया था। योगी सरकार ने गैंगस्टर में निरुद्ध सभी तरह के माफिया की संपत्ति कुर्क करने के आदेश दिए हैं। सरकार के आदेश के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के लिए कार्रवाई करना जरूरी हो गया था।                   

शुक्रवार सुबह एसपी घुले सुशील के नेतृत्व में चंदपा, सदर कोतवाली, हाथरस गेट, हाथरस जंक्शन और सासनी थाने का फोर्स इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस चौकी पर इकट्ठा हुआ। हर कोई पुलिस की तमाम गाड़ियों को देखकर अचरज में था। यहां से एसडीएम और सीओ भारी-भरकम पुलिस बल के साथ चतुरा के गेस्ट हाउस पहुंचे। गेस्ट हाउस पर पुलिस को कोई नहीं मिला। मैनेजर और दूसरे कर्मचारी पहले ही खिसक चुके थे। यहां मौजूद अधिवक्ताओं ने सिविल जज सीनियर डिविजन के 2010 के आदेश की कॉपी अधिकारियों को दिखाते हुए गेस्ट हाउस को सीज किए जाने पर स्टे होने की बात कही।
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इस स्टे ऑर्डर की कॉपी का अधिकारियों ने बैठकर अध्ययन किया। इससे ऐसा लगा कि अधिकारी बिना कार्रवाई के वापस लौट आएंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं, अधिकारियों ने सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी। गेस्ट हाउस में मौजूद चतुरा के बाकी बचे कर्मचारियों को बाहर कर पुलिस ने गेस्ट हाउस को सीज कर दिया। मुख्य दरवाजे पर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति कुर्क करने का बोर्ड भी लगाया है, लेकिन संपत्ति को केवल सीज किया गया है।                   

सट्टे की आय से बना है गेस्ट हाउस                  
चतुरा पर आरोप है कि उसने सट्टा कराकर करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। एसपी घुले सुशील का कहना है कि सरकार के आदेश के बाद चतुर्भुज गुप्ता उर्फ चतुरा पुत्र हरप्रसाद गुप्ता निवासी सिद्धार्थनगर के खिलाफ दर्ज मुकदमों का पता किया गया। चतुरा ने पत्नी मीनू, पिता हरप्रसाद और भाई पवन गुप्ता के नाम मेंडू के पास 29 बीघा जमीन खरीदी थी। इस जमीन पर चतुरा ने लखन किशन फार्म हाउस और होटल बना लिया है। पूरी संपत्ति साल 2000 के बाद से अवैध साधनों से खरीदी गई है।

फार्म हाउस में 32 कमरे, एक बड़ा हॉल, ऑफिस बने हुए हैं। होटल में छह कमरे और एक हॉल बना हुआ है। पत्नी मीनू, पिता हरप्रसाद और भाई पवन का आय का कोई जरिया नहीं है। आरोपी के खिलाफ बीते साल गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद एसएचओ हाथरस गेट जीएस पवार ने चतुरा की अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति की रिपोर्ट डीएम अमित कुमार सिंह को भेजी, इस पर डीएम ने अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति को उत्तर प्रदेश समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा14(1) के तहत कुर्क करने का आदेश एसडीएम को दिया है।

पुलिस ने मेंडू से पहले लखन किशन गेस्ट हाउस और उसके आसपास फैली 29 बीघा जमीन को सट्टे की आय से अर्जित मानकर कार्रवाई की है। अधिकारियों के मुताबिक चतुरा ने बहुत पहले गेस्ट हाउस की जमीन को आबादी में दर्ज करा लिया था। यहां का सर्किल रेट करीब 13.5 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर है। इस लिहाज से जमीन की कीमत ही 30 करोड़ रुपये होती है। इस जमीन पर बने गेस्ट हाउस और होटल की कीमत पांच करोड़ रुपये आंकने के बाद पूरी संपत्ति की कीमत 35 करोड़ रुपये लगाई है, जबकि बाजार मूल्य के अनुसार इस संपत्ति की कीमत 60 करोड़ रुपये से ज्यादा है।   
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