हिमाचल के जिला मंडी के उपमंडल के दुर्गम गांवों में अवैध रूप से अफीम की खेती करने पर जमीन की निशानदेही के बाद पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है। राजस्व विभाग के कानूनगो और पटवारी से जमीन की निशानदेही रिपोर्ट मिलने पर चेखवा गांव के रमेश कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
आरोपी को जेएमआईसी कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। करसोग पुलिस ने विशेष अभियान में रमेश कुमार की जमीन से अफीम की खेती से 190 पौधे बरामद किए थे। इस गिरफ्तारी से करसोग क्षेत्र में अफीम की खेती करने वालों में हड़कंप है।
बाकी बचे मामलों में राजस्व विभाग के पटवारी, कानूनगो से निशानदेही की रिपोर्ट पुलिस विभाग को सौंप दी। पुलिस जमीन मालिकों की गिरफ्तारियां जल्द शुरू करेगी। करसोग थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि अफीम की खेती कर रहे और मामलों में निशानदेही की रिपोर्ट आ गई है।
पुलिस ने चेखवा गांव के रमेश कुमार को गिरफ्तार किया है। मई में गुप्त सूचना पर करसोग पुलिस ने मांहूनाग गांव में दबिश देकर 11000 अफीम के पौधे बरामद किए थे। इनमें कुछ सैंपलिंग को भेजकर बाकी को नष्ट कर दिया। तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
पुलिस टीम ने जैकलिन, मांजू, मांहूनाग पहुंचकर निजी और सरकारी भूमि से अफीम के पौधे बरामद किए थे। इसकी निशानदेही करवा दी। इसमें भी तुरंत भूमि मालिकों को गिरफ्तारी तय है। दूसरे मामले में अलसिंडी के तरौर गांव के हजल नाला में दो खेतों में अफीम की खेती करने पर कार्रवाई करते हुए 6867 अफीम के पौधे नष्ट किए थे।
करसोग पुलिस ने पांच जगह छापामारी कर अफीम के 18000 पौधे बरामद किए थे। थाना प्रभारी सुनील कुमार ने दो जगहों पर निशानदेही करवा दी गई है। मामले में पूछताछ की जा रही है। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।