महोबा। जनपद न्यायधीश पीयूषचंद श्रीवास्तव ने जानलेवा हमला करने के मामले में पिता को सात साल की सजा सुनाई जबकि दोनों बेटों पर दोष सिद्ध न होने पर अदालत ने बरी कर दिया। अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया है।
थाना अजनर के ग्राम थुरहट में 13 जनवरी 2013 की सुबह 8 बजे गांव का अभिषेक बाइक से गन्ने लेकर घर जा रहा था तभी दरवाजे पर खड़ी राम देवी के पेट में गन्ना लग गया। उसके बाबा ने बाइक चालक को देखकर चलने की हिदायत दी। इसी बात से नाराज अभिषेक शाम 4 बजे भाई आदित्य और पिता शत्रुघ्न के साथ रामदेवी के घर पहुंचा। शत्रुघ्न हाथ में लाइसेंसी बंदूक लिए था।
पिता और पुत्र ने जाकर रवि करन यादव को जमकर खरी खोटी सुनाई। इससे विवाद बढ़ गया। विवाद बढ़ने पर शत्रुघ्न ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से फायर झाेंक दिया। गोली लगने से रवि करन यादव घायल गया। घटना की रिपोर्ट घायल रवि करन यादव ने थाना अजनर में शत्रुघ्न उसके बेटे आदित्य और अभिषेक के खिलाफ दर्ज करा दी।
मंगलवार को कोर्ट ने शत्रुघ्न को जानलेवा हमला करने का आरोपी ठहराते हुए उसे सात साल की सजा सुनाई। 10 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने दोष सिद्ध न होने पर आदित्य और अभिषेक दोनों भाइयों को बरी कर दिया। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने की और आरोपी को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया।