कोतवाली क्षेत्र के भरौली सिरकनेपुर में खेत से निकलने से मना करने पर दबंगों ने घर में घुसकर किसान को चाकू से गोद डाला। गंभीर हालत में परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस मामले में किसान के भाई ने आरोपी कमलेश व उसके दो पुत्रों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
प्रेमपुर चौकी क्षेत्र के भरौली सिरकनेपुर निवासी सोनपाल (28) का गांव के समीप ही खेत है। उसके बगल में ही भुलभुलैयापुर निवासी कमलेश का खेत है। हुआ ये आने-जाने वाले लोग अक्सर कमलेश के खेत से होकर गुजरते थे। इस कारण उसने मेड़ पर कटीले तार लगवा दिए। तार लग जाने से लोग सोनपाल के खेतों से होकर गुजरने लगे। इसी को लेकर दोनों खेत मालिकों के बीच तीन दिन पहले विवाद हो गया था।
इसी रंजिश के चलते सोमवार की देर शाम करीब आठ बजे कमलेश ने अपने दोनों लड़कों अंकुल व विक्की के साथ मिलकर सोनपाल के घर धावा बोल दिया। इन लोगों ने किसान सोनपाल को दबोच लिया और उसके पेट में चाकू घोंप दिया, जिससे वह वहीं गिर पड़ा। घटना को अंजाम देने के बाद वह लोग मौके से भाग निकले। परिजन सोनपाल को लेकर सौ शैय्या अस्पताल गए। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
किसान की मौत होने से परिजनों में कोहराम मच गया। हत्या की सूचना मिलते ही कोतवाल संतोष कुमार व्यास अस्पताल पहुंचे और परिजनों से घटना की जानकारी लेने के बाद आरोपियों की तलाश में जुट गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में सोनपाल के भाई रामनरेश ने कमलेश व उसके लड़कों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। सीओ श्रीकांत प्रजापति ने बताया तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
छिबरामऊ। भरौली सिरकनेपुर निवासी किसान सोनपाल के तीन बच्चे संजय (आठ), रूपा (दो) व ऋषभ (एक) हैं। वह खेती किसानी कर अपने परिवार का भरणपोषण करता था। उसके तीनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। घटना के बाद से मृतक की पत्नी सुधा देवी रो-रोकर बेसुध है।
डायल 100 का फोन नहीं लगा
छिबरामऊ। सोनपाल के परिजनों ने बताया रात में जिस समय कमलेश व उसके लड़कों ने धावा बोल और उसके साथ मारपीट की। उसी दौरान डायल 100 पर फोन कर सूचना देने का प्रयास किया गया, लेकिन कई बार नंबर डायल करने के बाद भी नंबर नहीं लगा, जिससे घटना की समय रहते सूचना पुलिस को नहीं हो सकी।