पुलिस की गिरफ्त में आईजी बनकर ठगी करने वाला सिपाही
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सीआईएसएफ (सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स) का आईजी बनकर ठगी करने वाले यूपी पुलिस के बर्खास्त सिपाही को क्राइम ब्रांच ने गुवाहाटी से गिरफ्तार किया है। आरोपी नेताओं को फोन कर सिपाही भर्ती के लिए युवकों को भेजने के लिए कहता था। ठगों ने एक सितंबर को भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश शर्मा को भी फोन किया था। उन्होंने इसकी सूचना एसएसपी को दे दी थी। पुलिस ने ठग को पकड़ लिया।
आईजी बनकर फोन करने वाले व्यक्ति ने भाजपा नेता को झांसे में लेने के लिए बताया कि वो उत्तर प्रदेश में भी तैनात रह चुका है और सामने आने पर वह उसे पहचान लेंगे। फिर कहा कि वह गुवाहाटी सीआईएसएफ के सिपाहियों की भर्ती कर रहा है। किसी परिचित को सिपाही बनाना चाहते हैं तो 20 हजार रुपये के साथ गुवाहाटी भेज दो। प्रकाश शर्मा ने इस फोन की जानकारी एसएसपी को दे दी।
8 सितंबर को कानपुर के सीओ क्राइम विवेक त्रिपाठी ने दरोगा विनोद यादव और सिपाही छत्रपाल सिंह को अभ्यर्थी बन गुवाहाटी भेज दिया। ठगों ने उन्हें दस्तावेजों के साथ होटल में बुलाया। जहां पुलिस टीम ने फर्जी आईजी बने बैठे बलिया निवासी सिद्धांत सिंह उर्फ कृष्ण कुमार उर्फ संतोष सिंह को पकड़ लिया।
नेताओं को बनाते थे जरिया
सिद्धांत ने बताया कि उसका साथी बलिया निवासी गोपाल साहा उसका हमराहा बनता था। फर्जी आईडी से पहले वीआईपी नंबर लेते थे। फिर वह यूपी के बड़े नेताओं को आईजी बन फोन करता था। नेताओं से युवकों को सिपाही बनवाने का ऑफर देता था। रकम के नाम पर सिर्फ बीस हजार मांगता था ताकि कोई शिकायत न करे। क्राइम ब्रांच रविवार को ट्रांजिट रिमांड पर सिद्धांत को शहर ले आई। पूछताछ में सिद्धांत ने बताया कि वह यूपी पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। उसके पास से 4 मोबाइल,11 सिम, 7 एटीएम, कुछ फोटो और शैक्षणिक प्रमाणपत्र बरामद हुए हैं।