जिला कारागार में बार बालाओं के डांस करने व पांच बंदियों की बेल्ट से पिटाई के मामले में डीआईजी जेल इलाहाबाद ने मंगलवार को मुख्यालय पहुंच जांच शुरू की। पांच घंटे की लंबी पड़ताल के बाद डीआईजी ने बंदियों से मारपीट की बात को स्वीकार करते हुए कहां जांच की जा रही है। वह जांच रिपोर्ट आईजी जेल को सौंपेंगे। जिसके बाद जेल अधीक्षक पर कार्रवाई हो सकती है।
जिला कारागार के जेल अधीक्षक के कक्ष में बीते दिनों पांच बंदियों की बेल्टों से लंबरदारों ने पिटाई की। वहीं कारागार में पूर्व में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम में बार बालाओं के डांस करने का सोमवार को वीडियो वायरल हुआ। इन दोनो वीडियो के वायरल होने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। वायरल वीडियो का सोशल मीडिया व मीडिया में खबरें प्रसारित होने के बाद मामले को जेल डीआईजी इलाहाबाद बीआर वर्मा ने संज्ञान लिया।
मंगलवार सुबह करीब 10:45 बजे डीआईजी मुख्यालय पहुंचे और वह सीधे जिला कारागार में प्रवेश कर गए। शाम करीब चार बजे डीआईजी बाहर निकले। इस मामले उन्होंने कहा प्रकरण को लेकर प्रत्येक बैरक में जाकर बंदियों से पूछताछ की गई है। कारागार प्रशासन के व्यवस्थाओं, भोजन, दवा के बारे में जानकारी ली है। कहा यह भी पूछा गया किसी के साथ कोई उत्पीड़न या मारपीट तो नहीं की जाती है। इसके बाद उन्होंने कहा जिन बंदियों के साथ मारपीट की घटना हुई है।
उसमें एक-दो बंदियों, अधिकारियों, कर्मचारियों के बयान रिकार्ड किए हैं। डीआईजी ने माना कि बंदियों के साथ मारपीट की गई है। बार बालाओं के डांस के मामले में उन्होंने कहा जिला कारागार में कवि सम्मेलन आयोजित किया गया था। जिसमें बंदियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया था। जांच में आया है कि तब पुरुष बंदियों ने साड़ी पहनकर डांस किया था। डीआईजी ने बताया देर शाम तक पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट आईजी जेल को सौंपेंगे।
डीआईजी ने प्रथम दृष्टया बंदियों के साथ की गई मारपीट की घटना को स्वीकारने से जेल अधीक्षक पर कार्रवाई होने की तलवार लटकती नजर आ रही है। जेल सूत्रों की मानें तो कारागार के बंदियों को डराया धमकाया गया है। कहा गया कि किसी ने मुंह खोला तो उसकी खैर नहीं। शायद इसलिए बंदी डीआईजी के निरीक्षण के समय दुबके नजर आए।
बंदी रक्षक को किया रिलीव
हमीरपुर। बंदी रक्षक लोकेश सिंह सोलंकी ने अवकाश न मिलने को लेकर दो दिन पूर्व सरकारी आवास पर जमकर हंगामा किया था। इस पर लोगों का हुजूम एकत्र हो गया। उसके बाद बंदी रक्षक ने आत्महत्या करने का प्रयास किया। जिस पर मौजूद लोगों ने उसे बचा लिया। इस प्रकरण पर जेल डीआईजी ने कहा कि बंदी रक्षक उनके सामने नहीं आया है। बताया बंदी रक्षक का पूर्व में तबादला हुआ था। मंगलवार को उसे रिलीव कर दिया गया।