ककरद गांव में मंगलवार की रात बारात में माथे पर रोडलाइट लेकर जा रहे दस मजदूर करेंट की चपेट में आ गए। उनमें एक की मौत हो गई जबकि नौ गंभीर रूप से झुलस गए हैं। ग्रामीण बिजली कटवा कर आनन फानन में सभी को पीएचसी पटेहरा ले गए। वहां कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था, जिसके चलते तत्काल इलाज नहीं मिल पाया। सबको को जिला
चिकित्सालय लेकर जाना पड़ा। पुलिस ने श्रमिक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
देहात कोतवाली क्षेत्र के घमहा गांव निवासी सरोज की बारात मड़िहान के ककरद गांव निवासी रामगोपाल के यहां आई थी। बारात में घमहा निवासी पन्नालाल का डीजे व रोड लाइट बुक था। रोडलाइट उठाने के लिए पन्नालाल ने मुहैया से पांच, भटौली से एक तथा चपउर से चार मजदूर को ले आया था। रात करीब आठ बजे बाराती डांस करते हुए द्वारचार के लिए जा रहे थेे। उनके साथ दस मजदूर रोडलाइट लेकर चल रहे थे। रोडलाइट की विद्युत आपूर्ति जनरेटर से की जा रही थी।
एक स्थान पर 11 हजार वोल्ट का तार लटका रहा था। ऊंचा होने के कारण डीजे तार से छू गया लेकिन तेज रफ्तार के चलते वह आगे निकल गया। जब जनरेटर की बारी आई तो लोगों ने तार के नीचे से जनरेटर ले जाने से इंकार कर दिया। पर बाराती जिद कर जनरेटर पार कराने लगे। इसी बीच रोडलाइट के एक गमले में तार सट गया और रोडलाइट उठाने वाले दसों मजदूर करेंट की चपेट में आ गए। एक साथ सभी को करेंट लगने से बारात अफरातफरी मच गई। आनन-फानन में बिजली कटवा कर सभी केे पटेहरा पीएचसी भेजवाया गया, जहां कोई डाक्टर मौजूद नहीं था। जिला चिकित्सालय लेकर आने पर मोहन (40) निवासी बड़े बगीचा विंध्याचल को मृत घोषित कर दिया जबकि राजमनी (19) निवासी मुहैया व फौजदार (18) निवासी चपउर देेहात कोतवाली को भर्ती कर लिया गया। अन्य मजदूरों को इलाज के बाद छोड़ दिया गया।