झांसी। गोरक्षा के नाम पर दबंगई, गुंडागर्दी और लूट की वारदातें बढ़ गई हैं। शहर में पिछले कई दिनों में ऐसी कई मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस-प्रशासन ऐसे मामलों में सक्रिय नहीं दिख रहा।
शहर के हाइवे पर कुछ लोग गिरोह बनाकर सक्रिय हैं जो आनेजाने वाले ट्रकों पर नजर रखते हैं। किसी भी ट्रक को कहीं भी रोक लेते हैं। गोरक्षा के नाम पर पूरे ट्रक की तलाशी लेते हैं। यदि किसी भी ट्रक मे भैसें या भैंसा पाये जाते हैं तो यह लोग अपने साथियों को सूचित कर बुलाते हैं। जो एक जत्थे के रूप में आते हैं। फिर शुरू होता है सौदेबाजी का खेल।
खास बात यह है कि वाहन चालक या मालिक अपने जानवरों की खरीद फरोख्त की रसीद दिखाता है तो यह लोग उसको नहीं मानते हैं। इन लोगों ने रेट भी तय कर रखे हैं ट्रक से पांच हजार रुपये से दस हजार रुपये और छोटे वाहन से दो से तीन हजार रुपये वसूल करते हैं। नहीं देने पर वाहन चालकों व मालिकों को मारपीट कर थानों में बंद करा देते हैं। कई बार शहर में इस तरह की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
जिला प्रशासन कि देख-रेख में भगवंतपुरा स्थित स्लॉटर हाउस में प्रतिदिन 300 भैंस और भैंसे आते हैं। 6 प्राइवेट और एक सरकारी डॉक्टर (शासन द्वारा नियुक्त) स्वास्थ्य परीक्षण कर ही इन्हें भेजते हैं। मानकों के अनुरूप न होने पर जानवरों को वापस भेज दिया जाता है। स्लाटर हाउस का बिजली का बिल प्रतिमाह तीस से पैंतीस लाख रुपये अदा किया जाता है। इस स्लाटर हाउस से ओमान, वियतनाम, लाईबेरिया के अलावा अन्य कई देशों में मांस सप्लाई किया जाता है। जिससे सरकार को लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है।
ललितपुर रोड पर गुंडागर्दी अधिक
ललितपुर रोड पर गुंडागर्दी और लूटपाट के मामले अधिक होते हैं। बबीना टोल से वाहन निकलते ही यहां के कर्मचारी तथाकथित गोरक्षकों को सूचित करते हैं और गिरोह के सदस्य झांसी के आसपास वाहनों को रोककर घटना को अंजाम देते हैं।
तीन साल से जानवर खरीदने और बेचने का व्यापार कर रहे हैं। गायों के नाम पर गाड़ियों को रोक कर रुपयों की मांग करते हैं। नहीं देने पर मारपीट कर जानवरों को लूटकर ले जाते हैं या थानों में बंद करवा देते हैं। अभी तक दस से बारह लाख रुपये का नुकसान हो चुका है।
अश्वनी कौशिक, व्यापारी
हम लोगों भैंस को बेचने और खरीदने का व्यापार करते हैं। कुछ लोग गोरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी और लूट कर रहे हैं। गाय पूजनीय है और हम लोग गाय का आदर करते हैं। हम लोग सिर्फ भैसों की खरीद फरोख्त करते हैं। और भैंसों के मांस का ही व्यापार करते हैं।
निजाम कुरैशी, व्यापारी
विभिन्न जगहों से जानवरों को खरीद कर लाते हैं। उसके बाद स्लाटर हाउस में शासन के द्वारा नियुक्त डॉक्टर के परीक्षण के बाद उन्हें स्लाटर हाउस भेजा जाता है। कुछ लोग गोरक्षा के नाम पर लूट कर रहे हैं। अवैध रूप से पैसों की मांग करते हैं। नहीं देने पर मारपीट कर थाने में बंद करवा देते हैं।
मोहम्मद नईम, मीट व्यापारी
पशु खरीदना बेचना और पालने का अधिकार भारतीय संविधान की धारा 243 के अंतर्गत दिया गया है। वोटों की राजनीति के चलते कुछ लोग एक जाति विशेष को टारगेट कर रहे हैं। टोलियों में कुछ लोग सक्रिय हैं और गुंडागर्दी कर अवैध वसूली कर रहे हैं।
वकील कुरैशी, व्यापारी
स्लाटर हाउस में प्रतिदिन 300 जानवर आते हैं। भैंस या भैंसों के अलावा कोई अन्य जानवर नहीं आता। डॉक्टरों द्वारा जानवरों के स्वास्थ्य की जांच की जाती है।
- डॉ. रविंद्र कुमार
हाल की प्रमुख घटनाएं
- 2 अगस्त को बिजौली के पास वाहन चालक बॉबी को रोककर पैसों की मांग की गई नहीं देने पर चालक की पिटाई कर जानवर और चार हजार रुपये लूट कर ले गए।
- 3 अगस्त को रक्सा रोड पर एक वाहन चालक और जानवरों के मालिक को बुरी तरह से पीट का अस्सी हजार रुपये लूटे।
- 14 अगस्त ट्रक क्रमांक यूपी 93 एटी 5069 को ललितपुर निवासी विनोद लोधी नाम का चालक चला रहा था। बबीना टोल से निकलते ही कुछ लोग पीछे लग गए और बिजौली के पास वाहन को रोक कर पैसों की मांग की नहीं देने पर चालक को बुरी तरह पीट कर जानवरों को लूट ले गए। चालक और साथियों को थाने में बंद करा दिया।
जांच कराकर होगी कार्रवाई
इस तरह के मामलों की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो जांच कराकर उचित कार्रवाई कराई जाएगी। किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। जो भी इस तरह की गुंडागर्दी करेगा, उससे पुलिस सख्ती के साथ निपटेगी।
- विनोद कुमार सिंह, एसएसपी