जिला अस्पताल में कांस्टेबल को ले जाते लोग
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सीआईडी में तैनात कांस्टेबल मुकेश बुधवार की सुबह बुरी तरह से जख्मी हालत में गोविंदसर (कठुआ) रेलवे स्टेशन पर मिला। कुछ आटो चालकों ने उसे कठुआ अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसकी गंभीर हालत के मद्देनजर उसे जीएमसी जम्मू भेज दिया गया।
छन्न अरोड़ियां पंचायत के गांव टंडियाडी निवासी मुकेश उत्तर संपर्क क्रांति से दिल्ली से कठुआ आ रहा था। उसने कठुआ पुलिस को बताया कि वह उत्तर संपर्क क्रांति के जनरल कोच में था। रात साढ़े दस बजे पानीपत रेलवे स्टेशन से पहले ट्रेन अचानक झटके के साथ रुक गई।
मुकेश के अनुसार लाठी-डंडों साथ कुछ लोग ट्रेन में घुसे और यात्रियों से मारपीट शुरू कर दी। बीचबचाव करते उसे भी गहरी चोटें आईं। मुकेश ने इस पूरे घटनाक्रम में लगभग 100 लोगों के जख्मी होने का दावा किया है।
हालांकि, हमारे पानीपत ब्यूरो के मुताबिक पानीपत पुलिस ने ऐसी किसी भी घटना की जानकारी से इनकार किया है। मुकेश ने बताया कि ट्रेन में सवार कर्मचारियों ने मुसाफिरों को आने वाले स्टेशनों पर उतरकर इलाज कराने की सलाह दी। कई लोग उतर गए, लेकिन उसने कहा कि अब वह कठुआ में ही उतरेगा। जब उसे होश आया तो सुबह के साढ़े पांच बज गए थे। कुछ लोग उसे कठुआ रेलवे स्टेशन पर सहारा देकर उतार रहे थे।
जीआरपी कठुआ रेलवे स्टेशन के थाना प्रभारी भूपिंदर सिंह ने बताया कि मुकेश की शिकायत पर थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसे डीएसपी और एसएसपी रेलवे को भेज दिया गया है। अगली कार्रवाई के लिए पानीपत पुलिस को मामला भेजा जाएगा।
जाट आरक्षण के समर्थन की बात कह रही थी भीड़ः मुकेश की मानें तो हमलावर जाट आरक्षण आंदोलन को समर्थन करने की बात कह रहे थे। सवारियों से लूटपाट भी की गई। डाक्टरों ने बताया कि मुकेश की एक टांग में फ्रैक्चर है। उसके हाथ पर भी गहरा घाव है।