पेट्रोल पंपों की इलेक्ट्रॉनिक मशीनों में एक विशेष चिप के जरिए उपभोक्ताओं के तेल में चल रहे खेल का कारोबार पूरे देश में फैला है। इस कारोबार मेें एक देश व्यापी रैकेट कार्य कर रहा है। रैकेट के सदस्य उपनामों (नकली नामों) से जाने जाते हैं। तेल के खेल में कंपनी इंजीनियर, बाटमाप विभाग, डीलर व पूर्ति विभाग के लोग भी शामिल हैं। पेट्रोल चोरी के लिए चिप के रेट भी प्रति एमएल अलग-अलग होते हैं।
सूबे के शाहजहांपुर जनपद के एक पेट्रोल पंप पर विशेष चिप के जरिए पेट्रोल व डीजल में चोरी का मामला पकड़े जाने के बाद अमर उजाला ने इसका खुलासा किया था। अमर उजाला ने 13 दिसंबर 2013 के अंक में माई सिटी पर चार नंबर पेज पर इसे प्रमुख से प्रकाशित किया था। तब शाहजहांपुर के तत्कालीन डीएम राजमणि यादव ने पेट्रोल पंप को सील कराते हुए लाइसेंस निरस्त की संस्तुति भेज दी थी।
करीब तीन वर्ष पहले इतने बड़े कारोबार का खुलासा होने पर दो तीन दिन सतर्कता के बाद मामले को दबा दिया गया। अब लखनऊ की घटना प्रकाश में आने के बाद शासन गंभीर हुआ है। कहा जा रहा कि यदि उसी समय शासन इसे गंभीरता से लिया होता तो देशव्यापी रैकेट के कारोबार पर अंकुुश लग गया होता।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन शेषनाथ ने कहा कि जिले में अभी ऐसी जानकारी नहीं मिली है। यदि ऐसा है तो यह बड़ा गंभीर मामला है। टीम बनाकर जांच कराई जाएगी।