फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

35 किसानों के खिलाफ दाखिल हो सकता है आरोप पत्र 

Tue, 07 Aug 2018 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  रुद्रपुर।
विज्ञापन
घोटाला - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में तत्कालीन अफसरों की मदद से बैक डेट में भूमि का 143 कराकर करोड़ों का मुआवजा लेने वाले 35 काश्तकारों के खिलाफ एसआईटी आरोप पत्र तैयार करने में जुटी है। इसके अलावा, 72 किसानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसआईटी ने जिला प्रशासन को पत्र लिखा है। 
विज्ञापन


भूमि मुआवजा घोटाले में अफसरों को जेल भेजने के बाद किसानों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में जुटी एसआईटी ने 35 किसानों को चिह्नित कर लिया है। इनके खिलाफ एसआईटी आरोप पत्र तैयार करने में जुट गई है। पूरी जांच के बाद एसआईटी ने बैक डेट में भूमि का मुआवजा लेने वाले 39 किसानों को आरोपी बनाया था, जिसमें से चार काश्तकार मुआवजे की कुछ रकम लौटाने के बाद सरकारी गवाह बन गए।

अब शेष 35 किसानों के खिलाफ एसआईटी जल्द ही आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी कर रही है। एसआईटी ने 72 ऐसे काश्तकार भी चिह्नित किए हैं, जिनको उनकी भूमि के एवज में मुआवजा देने के लिए एनएच अधिनियम का पालन नहीं किया गया।
विज्ञापन


एसआईटी की जांच मेें खुलासा हुआ है कि उक्त किसानों की जमीन राजस्व अभिलेखों में 3ए से 3डी तक कृषि भूमि के रूप में दर्ज थी, लेकिन 3डी के बाद इन्हें अकृषि दर से मुआवजे का भुगतान किया गया। जबकि, इनमें से अधिकतर खसरों में पहले से ही औद्योगिक गतिविधियां चल रहीं थीं। इसके बाद भी इन मामलों को बगैर आर्बिट्रेशन में दायर किए ही संशोधित कर दिया गया, जबकि 3डी में संशोधन का अधिकार सिर्फ आर्बिट्रेटर को है। अब ऐसे मामलों में कार्रवाई के लिए एसआईटी ने जिला प्रशासन को पत्र लिखा है। 

कुछ किसानों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी 
रुद्रपुर। भूमि मुआवजा घोटाले में करोड़ों का मुआवजा लेने वाले कुछ काश्तकार ऐसे भी हैं, जो विदेश में बस गए हैं। अब ऐसे किसानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसआईटी उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी में है। इसके लिए एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने एलआईयू को ऐसे किसानों की पासपोर्ट डिटेल आदि संकलन करने के आदेश दिए हैं। 
 
कमीशन न देने पर 11 किसानों का रोका मुआवजा 

रुद्रपुर। भूमि मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी के सामने 11 ऐसे प्रकरण भी आए हैं, जिनमें पात्र भू स्वामियों को उनकी भूमि का मुआवजा नहीं दिया गया। इनमें कुछ पेट्रोल पंप स्वामी, चीनी मिल कारोबारी और ईट भट्टे का कारोबार चलाने वाले लोग शामिल हैं। बताया जा रहा है कि मुआवजे के बदले कमीशन नहीं देने के चलते इनका मुआवजा रोका गया। इन मामलों से भी एसआईटी को एनएचएआई के खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें