पुलिस हिरासत में भाई के हत्यारोपी।
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चार भाइयों के बीच जमीन विवाद के रंजिश की नींव तीन साल पहले ही पड़ गई थी। जो रिश्तों का कत्ल की वजह बनी। पुलिस ने शनिवार को रामसेवक हत्याकांड में नामजद दो भाइयों और भतीजे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
बकेवर थाना क्षेत्र के नहरामऊ गांव निवासी रामसेवक निषाद की बुधवार रात जमीन के विवाद में भाइयों व भतीजे ने धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। पुलिस ने थाना क्षेत्र के शकूराबाद से तीनों को गिरफ्तार करने का दावा किया। थानाध्यक्ष चंद्रभान सिंह ने बताया कि हत्यारोपी रामप्रताप और उसका भाई शिवनारायण व रामप्रताप का बेटा विश्राम किसी दूसरे जिले में भागने की योजना बनाकर जा रहे थे। सूचना पर शुक्रवार की रात करीब साढ़े दस बजे तीनों को पकड़ लिया गया। शनिवार को कोर्ट में पेश करने के बाद तीनों को जेल भेजा गया है।
पुलिस के मुताबिक, हत्यारोपी रामप्रताप ने बताया कि उसके छोटे भाई रामसेवक ने ही तीन साल पहले रंजिश की नींव रखी थी। उनके चाचा बेऔलाद थे। हिस्से में साढ़े तीन बीघा जमीन थी। गुपचुप तरीके से चाचा की जमीन की रजिस्ट्री रामसेवक ने करा ली थी। इसी वजह से उसने मां के हिस्से की जमीन की रजिस्ट्री चार माह पहले कराई थी। राम प्रताप के बेटे विश्राम ने बताया कि जमीन को लेकर आए दिन विवाद होता था। घटना के दिन चाचा अपने दरवाजे पर अपशब्द बोल रहे थे। ऐतराज पर उसका चाचा से विवाद हो गया। इसी दौरान पिता और दूसरे चाचा शिवनारायण भी आ पहुंचे। चाचा रामसेवक खुद ही कुल्हाड़ी लेकर आ गए। फिर उन्हीं की कुल्हाड़ी छीनकर उनके सिर पर हमला करना पड़ा। प्रहार तेज पड़ा और मौके पर चाचा की मौत हो गई।