हाफिजगंज से एक साल पहले लापता हुईं दो सगी बहनें बुलंदशहर में मिली हैं। पुलिस के नाकाम रहने के बाद हाईकोर्ट ने उन्हें ढूंढने के आदेश दिए थे जिस पर एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें तलाश लिया है। आरोप है कि दोनों बहनों को उनकी चाची सीमा ने ही गांव क्षेत्र के ही दो युवकों को कुछ रुपयों के लालच में सौंप दिया था। बाद में इन युवकों नेे अपने दोस्त की मदद से रुपये लेकर उनकी अलीगढ़ के दो भाइयों से शादी करवा दी। एसटीएफ देर रात दोनों बहनों को लेकर बरेली पहुंच गई है।
15 नवंबर 2015 रिठौरा में सत्संग सुनकर लौटते समय दो नाबालिग बहनें लापता हो गई थीं। तीन दिन बाद पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। लड़कियों के पिता ने पड़ोस में रहने वाली सीमा नाम की महिला पर शक जाहिर किया था, लेकिन लड़कियों की तलाश के लिए पुलिस ने ठोस प्रयास नहीं किए। पिता ने पुलिस और प्रशासन के आला अफसरों से भी बेटियों का पता लगाने की गुहार लगाई, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। हाईकोर्ट ने पिता की गुहार पर प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी और एसएसपी को तलब करके दोनों बहनों की तलाश के निर्देश दिए।
एसएसपी एसटीएफ ने इंस्पेक्टर अजय कुमार यादव को दोनों बहनों का पता लगाने में लगा दिया। एसटीएफ ने क्राइम ब्रांच की मदद से दोनों को नरौरा, जिला बुलंदशहर में तलाश लिया। इन लड़कियों को सीमा से खरीदने वाले धर्मपाल, निवासी ग्राम फजुल्लापुर, थाना हाफिजगंज, राजा उर्फ गालिब निवासी ग्राम जरेली, थाना नबावगंज के अलावा फैजुल्लापुर गांव के ही इनके साथी नेमचंद उर्फ छोटे गंगवार और अलीगढ़ के थाना दादो के अटा गांव के वीरेंद्र और हेमेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि हेमेंद्र और उसके बड़े भाई प्रेमवीर ने दोनों बहनों से शादी की थी। चाची सीमा ने ही दोनों बहनों को धर्मपाल और उसके साथी राजा को बेचा था। प्रेमवीर को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।