पुलिस पर हमले की आए दिन हो रही घटनाओं में सोमवार को जिला जेल के गेट पर हुई दुस्साहसिक वारदात भी जुड़ गई। बिधूना से लाए गए शांतिभंग के आरोपी ने दरोगा पर हमला कर दिया और वारंट आदि कागजात छीनकर फाड़ दिए। दरोगा ने इसकी रिपोर्ट सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई है। देर शाम आरोपी को जेल में दाखिल करा दिया गया है।
आरोपी देवेंद्र सिंह पुत्र लायक सिंह बिधूना (औरैया) के आदर्श नगर मोहल्ले का निवासी है। उसको बिधूना की ही पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे बिधूना थाने में तैनात दरोगा गिरीश चंद्र ने सोमवार को एसडीएम कोर्ट में पेश किया। अदालत ने देवेंद्र को जमानत न देकर जेल भेजने का आदेश दिया। दरोगा गिरीश चंद्र उसको जेल में दाखिल कराने को इटावा लेकर आए। लेकिन यहां पहुंचते ही आरोपी देवेंद्र ने दरोगा पर हमला कर दिया। उसने दरोगा को मारापीटा और वारंट व अन्य कागजात छीनकर फाड़ दिए। दरोगा ने किसी तरह सिविल लाइन पुलिस को सूचना दी।
वहां से आई पुलिस ने देवेंद्र को काबू किया। सिविल लाइन थाने के एसएसआई सतीश राठौर के मुताबिक आरोपी देवेंद्र के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने व लोक संपत्ति निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। देर शाम उसको जेल में दाखिल कराया गया। दो दिन में लगातार यह तीसरी घटना है, जब दरोगा पर हमला किया गया। मालूम हो कि इससे पहले रविवार शाम को औरैया में ही शहर में गश्त पर निकले दरोगा पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। बाइक सवार युवकों ने दरोगा को पीटने के दौरान वर्दी फाड़ दी और रिवाल्वर छीनने की कोशिश भी की थी। इसके बाद कन्नौज में सड़क दुर्घटना के एक मामले में नोटिस तामील कराने गए दरोगा की घेरकर पिटाई कर दी गई थी।