महोबा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुलपहाड़ में जन्म के बाद गुरुवार को एक और नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। डाक्टर मासूम की मौत का कारण बच्चे का कम वजन बता रहे हैं। सीएमओ ने दोनों मामलों की जांच कराकर दोषी डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है।
गौरतलब है कि कोतवाली कुलपहाड़ के ग्राम भटेवरा खुर्द निवासी रानी पत्नी जितेंद्र ने 11 नवंबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुलपहाड़ में नवजात शिशु को जन्म दिया। नवजात की हालत बिगड़ने पर उसे महोबा रेफर किया गया था लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने डाक्टरों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर मामले की शिकायत सीएमओ से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
गुरुवार सुबह कोतवाली कुलपहाड़ के ग्राम सुगिरा निवासी वंदना पत्नी अनिल को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे सीएचसी कुलपहाड़ ले गए जहां प्रसूता ने नवजात शिशु को जन्म दिया। जन्म के बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई। डाक्टरों ने महिला को नवजात समेत उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सीएचसी कुलपहाड़ के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. अम्ब्रीश राजपूत ने बताया कि डिलीवरी के बाद बच्चा कमजोर था जिसे जिला अस्पताल रेफर किया गया।
इंसेट
सीएचसी में नवजात की मौत की सूचना नहीं है। छह दिन पहले हुई नवजात की मौत पर उनसे शिकायत की गई थी। दोनों मामलों की जांच कराई जाएगी। यदि डाक्टर व कर्मचारी दोषी पाए जाते है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बच्चों के कमजोर व कम दिन और वजन के पैदा होने के चलते नवजात शिशुओं की मौत हो जाती है।
डा. एसके वार्ष्णेय
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (महोबा)