कोतवाली क्षेत्र के सुपेलवा के जिस 11 वर्षीय बालक के लिए पुलिस 24 घंटे से खाक छान रही थी वह टहलते हुए मिला। बुधवार की सुबह उसे कोतवाली के सामने से गुजरते देखकर पकड़ कर पूछताछ में उसने कबूला कि किसी को बिना बताए वह अपनी मौसी के यहां चला गया था। ऐसे में पुलिस ने उसे औपचारिकताएं पूरी करके पिता के सुपुर्द कर दिया।
पिता लक्ष्मीशंकर पांडेय ने सोमवार रात पुलिस को सूचित किया कि उनका बेटा शिवा रोडवेज के पीछे जयपुरवा मोहल्ले में स्थित जीवीएम कान्वेंट स्कूल में कक्षा चार में पढ़ता है। सोमवार को रोज की तरह वह स्कूल से करीब चार बजे घर आया। परिवार के लोग कहने लगे कि वह अपने छोटे भाई के साथ घर में था। कुछ देर बाद घर से निकला और गेट के पास से लापता हो गया।
पिता ने नामजद तहरीर दी कि 17 अक्टूबर को ग्राम प्रधान अवनीश सिंह उर्फ गोलू, होमगार्ड अंबेश सिंह ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। दुकानदार पप्पू कहार की मिलीभगत से बेटे को गायब करने का आरोप लगाया। पुलिस तीनों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर बालक को ढूंढने में जुटी। मंगलवार को दिन-रात ढूंढने के बावजूद कहीं पता नहीं चला। बुधवार की सुबह करीब आठ बजे वह टहलते मिल गया। एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि पिता ने यदि जानबूझकर अपहरण का नाटक रचा होगा तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।