कमालगंज। रामलीला मैदान के पास अवैध शराब की फैक्ट्री आयुर्वेदिक दवाएं बनाने के नाम पर चल रही थी। फैक्ट्री से शराब की गंध आने पर आसपास के लोगों ने पूछताछ की थी को कारिंदों ने दवाओं की गंध बता टरका दिया था। फैक्ट्री में बनने वाली शराब गोल्डन कलर की बंद कार से आसपास के जनपदों में भी सप्लाई की जाती थी।
कमालगंज कसबे के रामलीला मैदान के पास शिक्षक तारिक महमूद के मकान में पुलिस ने अवैध शराब की फैक्ट्री पकड़ी। ये मकान बस्ती के बाहर है। मकान के बगल में एक निजी अस्पताल भी है। जुलाई में राकेश दिवाकर ने रहने के लिए मकान लिया था। उसने तारिक को बताया था कि परिवार के साथ अनबन चल रही है, इसलिए अलग रहेंगे।
मकान किराए पर लेने के करीब एक सप्ताह बाद ही मकान में लोग आने जाने लगे और मकान से अजीब से गंध उड़ने लगी। मड़ैयन निवासी सर्वेश पाल ने आसपास लोगों को बताया था कि उसके पास आयुर्वेदिक दवाएं बनाने का लाइसेंस है। मकान में वह दवाएं बनाकर सप्लाई करता है। आए दिन यहां से माल लोड होकर बंद गोल्डन कलर की बंद कार से ले जाया जाता था।
मकान के अंदर पुलिस को एक बैनर मिला है। इस बैनर पर राज ग्रामोद्योग संस्थान लिखा है। बैनर में सर्वेश के नाम नीचे कोषाध्यक्ष लिखा है। थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार में अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका है। यहां से शराब आसपास के गांव और अन्य जिलों में भी शराब की सप्लाई की जाती थी। मामले की जांच की जा रही है। अन्य लोगों को भी जल्द दबोच लिया जाएगा। अवैध शराब फैक्ट्री से पुलिस को बैगपाइपर, रॉयल्ससटेग, जीबी बॉर्डर, मिस इंडिया, मकडोवेल सहित कई ब्रांड की शराब और रैपर मिले हैं।
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अंग्रेजी शराब का ठेकेदार है सर्वेशपाल
कमालगंज। अवैध शराब फैक्ट्री में पकड़े गए सर्वेश पाल का मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव गैसिंगपुर में अंग्रेजी शराब का ठेका है। आशंका है कि फैक्ट्री में बने शराब सर्वेश के ठेके के अलावा मोहम्मदाबाद के कई ठेकों पर भी बेची जाती थी। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है। राकेश दिवाकर आलू आढ़ती संघ के एक पदाधिकारी का दामाद है। आलू आढ़ती सत्ताधारी दल भाजपा से जुड़े हैं। जिला आबकारी अधिकारी टीआर वैश्य ने बताया कि सर्वेश के नाम शराब ठेका होने की जांच कराएंगे। अगर उसके नाम पर लाइसेंस है तो उसे निरस्त कराया जाएगा। जल्द ही जिले में अवैध शराब के खिलाफ बड़ा अभियान भ्ीा चलाया जाएगा।
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राकेश ने की दोस्ती मेें दगा
शिक्षक तारिक महमूद फतेहगढ़ में रहते हैं। उनकी राकेश दिवाकर से मित्रता है। इसी मित्रता का फायदा उठाकर बहाने से उसने तारिक से मकान किराए पर ले लिया था। वह मकान में कभी परिवार के साथ नहीं रहा। तारिक उस पर विश्वास करते थे, इसलिए कभी देखने भी नहीं गए कि मकान में राकेश रह रहा है या नहीं। इसी विश्वास का फायदा उठाकर दोस्त से दगा कर दिया।
वर्जन
राकेश दिवाकर सपा अनुसूचित जाति महासभा के जिलाध्यक्ष हैं। अवैध शराब फैक्ट्री में उनका लेना देना था या नहीं इसकी अपने स्तर पर जांच कराएंगे। अगर वह अवैध धंधे में शामल होंगे तो कार्रवाई की जाएगी और पुलिस ने राजनीतिक कारणों से उन्हें घसीटा होगा तो न्याय के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी-नदीम अहमद फारुखी (सपा अध्यक्ष)