जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर मेडिकल कालेज बनाए जाने के लिए शासन ने कार्यदायी संस्था का चयन करने के बाद बजट भी जारी कर दिया है, लेकिन शिलान्यास के फेर में मामला लटक पड़ा है। अभी तक इसकी नींव नहीं रखी जा सकी है। जबकि शासन ने नामित रायबरेली की कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य के लिए 50 करोड़ रुपये भी अवमुक्त कर दिए हैं। शिलान्यास और निर्माण कार्य को लेकर कोई भी कुछ बताने के लिए तैयार नहीं है।
सांसद हरिवंश सिंह के प्रयास से योगी सरकार ने बेल्हावासियों को मेडिकल कालेज की सौगात दी थी। जिला अस्पताल को ही उच्चीकृत कर मेडिकल कालेज बनाया जाना है। जिला अस्पताल में जमीन कम पडने पर शहर से चार किमी दूर पूरे केशवराय गांव में जमीन चिह्नित करने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी गई। मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए शासन ने 213 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया। राजकीय निर्माण निगम रायबरेली को निर्माण कराने के लिए 50 करोड़ रुपये की धनराशि भी अवमुक्त कर दी। पहले बताया जा रहा था कि नवंबर 2018 तक मेडिकल कालेज का निर्माण शुरू हो जाएगा, लेकिन शिलान्यास न होने के कारण अब तक काम नहीं शुरू हो सका है। चर्चा है कि मेडिकल कालेज का शिलान्यास सीएम योगी आदित्यनाथ से कराया जाना है, लेकिन अभी तक उनका कार्यक्रम नहीं बन सका है। उधर, कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के प्रबंधक का कहना है कि निर्माण के लिए टेंडर निकाला गया है। कई क्षेत्रीय संस्थाओं ने टेंडर डाला है। शिलान्यास होते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
अभी तक तोड़े नहीं जा सके हैं क्षतिग्रस्त भवन
जिला अस्पताल के क्षतिग्रस्त भवनों को तोडने के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर ने कार्यदायी संस्था को आदेश दिया है। मगर अभी तक जर्जर और क्षतिग्रस्त भवन को तोडने का न तो कार्य शुरू हो सका और न ही सडक़ चौड़ीकरण का।
मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए जैसे ही भूमि पूजन होता है, निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। भूमि पूजन के चलते अभी तक निर्माण कार्य नहीं शुरू किया गया है। शिलान्यास कौन करेगा, इसके बारे में हमें नहीं पता है।
राजू सिंह, परियोजना प्रबंधक, राजकीय निर्माण निगम, रायबरेली।
मेडिकल कालेज के निर्माण के लिए सारी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। टेंडर भी हो गया है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
हरिवंश सिंह, सांसद।