घटना के बाद रोते बिलखते परिजन।
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चरखारी (महोबा)। कोतवाली चरखारी के ग्राम स्वासामाफ में बच्चाें की स्कूली फीस जमा करने के लिए किसान ने तीन बोरा गेहूं बेचा। गेहूं बेचने में मिली रकम वह जुएं में हार गया। इससे परेशान किसान ने खेत में लगे पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उपजिलाधिकारी चरखारी व तहसीलदार ने मौके पर जाकर जांच की।
ग्राम स्वासामाफ निवासी किसान हरीदास के पास 20 बीघे खेत हैं। हरीदास के चार पुत्र हैं। कुछ दिन पहले हरीदास ने जमीन का बंटवारा करते हुए सभी पुत्रों को 4-4 बीघा जमीन दे दी। भूमि का बंटवारा होने से हरीदास का सबसे छोटा पुत्र जयसिंह 35 परेशान रहने लगा। पिता हरीदास ने बताया कि जयसिंहके दोनों पुत्र चरखारी में मामा के यहां रहकर पढ़ाई कर रहे है। जुलाई में दोनों बच्चों की फीस जमा करने के लिए जयसिंह ने तीन बोरा गेहूं बेचा था। गेहूं बेचने पर मिली 5 हजार की रकम वह जुएं में हार गया। शनिवार की शाम जयसिंह घर से निकल गया। सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर गए तो जयसिंह का शव बेरी के पेड़ में फांसी के फंदे पर झूलता पाया गया। सूचना पर उपजिलाधिकारी चरखारी मृदुल चौधरी, तहसीलदार सुबोधमणि शर्मा, कोतवाली प्रभारी सतीषचंद्र शुक्ला पुलिस फोर्स के साथ मौके पर जाकर जांच की। ग्रामीणों ने बताया कि जयसिंह जुएं का आदी था। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
उसके नाम कोई जमीन नहीं है। आर्थिक तंगी होने की कोई बात सामने नहीं आई है। परिजनों व ग्रामीणों ने जुएं में पैसे हारने की बात बताई है। कुछ दिन पहले भूमि का बंटवारा हुआ था। परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। मृदुल चौधरी, उपजिलाधिकारी चरखारी