राजधानी जयपुर के नजदीक चौमूं में मां, ममता और मानवीयता को शर्मशार करने वाली एक घटना सामने आई है। रविवार देर रात को एक बच्ची के जन्म लेने के करीब घंटे भर बाद ही तीन लोगों ने उसे मिट्टी में गाड़ दिया।
लेकिन सूचना पर फरिश्ता बनकर पहुंची पुलिस ने बच्ची को जमीन से बाहर निकालकर जेके लोन अस्पताल पहुंचाया। अब बच्ची की जान सलामत है। उसका उपचार चल रहा है। देर रात को पिकअप में सवार दो व्यक्ति और एक महिला जयपुर—सीकर हाइवे पर हाडौता चारा मंडी के समीप पहुंचे। वहां उन्होंने सड़क किनारे पड़े मिट्टी के ढेर को हटाया और कपड़े में लिपटी नवजात बच्ची को मिट्टी में गाड़ दिया। इसके बाद वहां से चले गए।
वहीं, नजदीक खड़े लोगों को संदेह हुआ तो उन्होंने चौमूं थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर नेकीराम को सूचना दी। तब वह मौके पर पहुंचे और लोगों की निशानदेही पर जाकर देखा। वहां एक नवजात बच्ची के चेहरे से गर्दन तक का हिस्सा मिट्टी में गड़ा हुआ मिला। यह देख पुलिस भी सहम गई।
तत्काल बच्ची को बाहर निकाला तो उसकी सांसे चल रही थी। इस पर उसे चौमूं के अस्पताल पहुंचाया। वहां बच्ची को नहलाने के बाद सबइंस्पेक्टर नेकीराम और हैड कांस्टेबल क्रोस्ता उसे तत्काल जेके लोन अस्पताल लेकर पहुंची। जहां उसका उपचार किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।