संभल। अमरोहा और संभल जिले के बार्डर पर दस दिनों पहले हुई किसान के साथ लूट और विरोध करने पर हत्या मामले में पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। इस लूट हत्याकांड में मृतक किसान इकरार के बेटे सद्दाम को भी बदमाशों ने गोली मारी थी जिसने जिंदगी और मौतें के बीच यह दिन गुजारे हैैं। हालांकि अब हालत मेेेें काफी सुधार है। दो दिन पहले परिजन गांव ले आए हैं। पिता की मौत की खबर सुन उसका बुुरा हाल हो गया।
जब हत्यारों के बारे में पूछा तो मालूम हुआ कि अभी तक पुलिस हत्यारों का पता नहीं लगा पाई है। घटना के दिन आईजी विनोद कुमार सिंह ने मौका मुआयना किया था। साथ ही पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया था कि अमरोहा जनपद के सैदनगली थाना पुलिस बदमाशों को पकड़ने में असमोली पुलिस का सहयोग करेगी। इसके अलावा जनपद संभल की क्राइम ब्रांच और स्वाट टीम भी लगाई गई। दस दिनों से अधिक समय हुआ लेकिन पुलिस बदमाशों का सुराग नही लगा पाई है। पुलिस जनपद के साथ अमरोहा, बुलंदशहर, मुरादाबाद में भी सुरागकशी करने में लगी है। मालूम हो कि 1 सितंबर की दोपहर को अमरोहा जनपद के थाना सैदनगली के गांव हरियाना निवासी इकरार से गांव से कुछ दूर स्थित मथना मोड़ पर बाइक सवार तीन बदमाशों ने 52 हजार रूपये की लूट की थी। विरोध करने पर किसान और उसके बेटे सद्दाम को बदमाशों ने गोली मार दी थी। लूट की घटना को अंजाम दे मौके से भाग गए थे। किसान की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि किसान का बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना उस समय हुई जब किसान अपने पशु बेच कर घर लौट रहा था। घटनास्थल असमोली थाना क्षेत्र का होने के कारण असमोली पुुलिस ने तीन बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। दस दिन बीतने के बाद भी पुलिस बदमाशों का सुराग नहीं लगा पा रही है। जनपद के साथ करीबी जनपदों में भी छापेमारी की जा रही है लेकिन किसान के हत्यारे हाथ नहीं आ रहे। पीड़ित परिवार न्याय की आस लगाए हुए है।