संभल। परिजन कपिल और चांदनी के आपसी संबंधों से बेखबर थेे। इसीलिए वे उसकी जून में होने वाली शादी की तैयारियों में व्यस्त थे। पिता कल्याण सैनी ने जानकारी दी है कि ढाई महीने पहले गोदभराई की रस्म हुई थी। गोदभराई के वक्त भी चांदनी ने परिजनों को कुछ भी एहसास न होने दिया। चांदनी गोदभराई के बाद कपिल की बहन की शादी में भड़वारा गई थी। वहां पर एक महीने भर रह कर आई थी। इसीलिए वह बेटी की शादी में पूरे उत्साह से लगे हुए थे। लेकिन इस मौत ने उन्हें बड़ा सदमा दिया है। जिस बेटी की शादी के साथ वह खुशियों के सपने संजोए हुए थे। वह अचानक मौत का शिकार हो गई। इससे उस परिवार को भी दुख पहुंचा जहां उसकी हम शादी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि शादी गवां में तय की थी। वह परिवार अच्छा था। हमें उम्मीद थी कि सब कुछ सकुशल हो जाएगा पर बीच में इतनी बड़ी घटना हो गई। हमें शादी की तैयारियों के बीच ही मौत की सूचना मिली।
पूरी रात सुबह होने का इंतजार करती रही मासूम
संभल। पुलिस को लड़की के परिजनों से जो जानकारी मिली है, उसके हिसाब से मासूम को रात्रि में रंतौंधी की वजह से दिखाई नहीं पड़ता था। वह घटना की एक मात्र चश्मदीद है और तत्काल ही परिजनों को अवगत करा सकती थी लेकिन वह पूरी रात खेतों में सुबह होने का इंतजार करती रही। सुबह होने पर वह किसी तरह से अपनी बहन के घर पहुंची। उसने पूरी घटना बताई तब परिजनों को जानकारी मिल सकी।
जिसने भी सुना वह सन्न रह गया
संभल। तुर्तीपुर इल्हा के रकबे में ईंट भट्ठों के पीछे खेतों में जहां पर शव मिले हैं वह सुनसान इलाका है। जैसे ही सुबह लोगों ने देखा तो तत्काल पुलिस को इत्तिला दी। पुलिस सुबह नौ बजे के करीब पहुंची। इसके बाद आसपास के भट्ठों पर काम करने वाली तमाम महिलाएं घटना स्थल तक पहुंच गईं। रिश्ते में मौसी के संग युवक ने सल्फास खाया? आखिर क्यों? यह सवाल भी लोगों के जेहन में था। घटना से सभी लोग सन्न थे।
एक महीने तक कपिल के गांव में रह कर आई थी
संभल। अब तक की छानबीन के आधार पर पुलिस ने बताया कि कपिल के घर वैवाहिक समारोह था जिसमें चांदनी गई थी और वहां पर एक महीने तक रह कर आई थी। तभी से दोनों का संपर्क-संबंध बन गया था। चांदनी 20 मई की शाम मुबारिचपुर से बहन के घर के लिए कहकर चली थी। चांदनी की बहन संग में थी। चांदनी ने कहा था कि एक दो दिन में वह लौटकर गांव आएगी। बहन के यहां घूमने जा रही है, लेकिन 21 मई को जब उसे उसके बहनोई ने बस में बैठा दिया तो वह उनके जाने के बाद बस से उतर गई और उसने कपिल के संग जाने का निर्णय लिया।
मासूम की समझदारी ने बचाई उसकी जान
संभल। सल्फास खाकर जिंदगी का खात्मा करने का फैसला ले चुके चांदनी और कपिल के संग पूरे समय रही मासूम की समझदारी ने उसकी जान बचाई। मासूम ने परिजनों और पुलिस को बताया कि वह कपिल के संग नहीं जाना चाहती थी पर कपिल ने धमका दिया था। मासूम के मुताबिक जब वे लोग सल्फास की गोलियां खा रहे थे। तब कपिल ने मासूम से कहा था कि रतौंधी है गोली खा लो। पर उसने मना कर दिया। उसके कुछ ही देर बाद देखते-देखते दोनों को उल्टियां हुईं और कुछ देर में दोनों गिर गए।