संभल। नगर के आजाद गर्ल्स इंटर कालेज में खसरा और रुबैला से बचाव के लिए हो रहे टीकाकरण के दौरान मंगलवार को दोपहर उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब एक एक करके चार छात्राओं की हालत बिगड़ गई। गुस्साए लोग अभद्रता पर उतर आए। टीम के सदस्यों पर आरोप लगाते हुए कुछ लोगों ने खींचतान कर मारपीट की। एएनएम पर थप्पड़ पड़े। टीम ने प्रशासन को खबर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने टीम को कालेज से बाहर निकाला। एंबुलेंस भेजकर चारों छात्राओं को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद छात्राओं की हालत ठीक हो गई।
रुबैला और खसरा से बचाव के लिए संभल जिले में 26 नवंबर से टीकाकरण शुरू हुआ है। अभियान के दूसरे दिन दीपासराय स्थित आजाद गर्ल्स इंटर कालेज में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संभल की टीम गई थी। टीम ने 199 बालिकाओं को टीका लगा दिया। जब 200वीं छात्रा को टीका लगा तो उसकी स्थिति कुछ असहज सी हुई। उसकी हालत संभालने का प्रयास टीम ने किया। इसी दौरान तीन और छात्राओं की हालत बिगड़ने लगी जिन्हें टीके लगे थे। उनकी हालत बेहोशी जैसी ही थी। जैसे ही यह हालात हुए तत्काल परिजनों को खबर दी गई। परिजन और कुछ लोग कालेज परिसर में पहुंच गए। बालिकाओं की हालत देखकर वे आक्रोशित हो गए। टीम ने उन्हें समझाने का प्रयास किया तो बात नहीं बनी। उल्टे टीम के सदस्यों पर आरोपों की बौछार हो गई। इससे हंगामा खड़ा हो गया। टीम के साथ खींचतान हुई। एक महिला ने एक एएनएम को थप्पड़ मारे। टीम ने जब कालेज से जाने का प्रयास किया तो टीम को जाने नहीं दिया गया। टीम कालेज के कार्यालय में ही बैठी रही। लोग टीम की ओर से समझा रहे थे पर कोई नहीं मान रहा था। टीम को बंधक बनाने की सूचना पर उप जिलाधिकारी ने तत्काल सीओ को बताया। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराते हुए टीम को कालेज से बाहर निकाला। बेहोश हुई चारों लड़कियों को जिला अस्पताल भेजा गया। हालत बिगड़ने वाली छात्राओं में कक्षा आठ की चार छात्राएं थीं जिसमें अली सबा, इरम, आयशा मंसूर और इजवा परवीन शामिल थीं। परिजनों ने जिला अस्पताल में आरोप लगाया कि इस तरह की वैक्सीन की उन्हें या उनकी बच्चियों को जानकारी नहीं दी गई। जबकि इस तरह की वैक्सीन की जानकारी परिजनों को होनी चाहिए थी।
सीएचसी के चिकित्साधिकारी ने कहा कि वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट नहीं है। वैक्सीन 199 बच्चों को लग चुकी थी। उन्हें कुछ नहीं हुआ। 200 वीं छात्रा को जब वैक्सीन लग रही थी तभी वह कुछ असहज हुई। लगा जैसे बेहोशी आई हो। उसे देखकर तीन और छात्राओं की हालत बिगड़ी। ऐसा खुद के डर से कई बार बड़ों को भी हो जाता है। यह तो फिर भी बच्चे है। चिकित्सकीय भाषा में इस स्थिति किसी बात को लेकर व्यक्तिगत स्तर पर पैदा होने वाला डर कहते हैं।
कोट--
मैं बाहर था लेकिन जैसे ही सूचना मिली कालेज गया। मैंने देखा कि करीब पौने दो सौ बालिकाओं को टीके लगे। किसी को कुछ नहीं हुआ। एक बालिका को चक्कर आ गया। उसके बाद दो तीन लड़कियों ने चक्कर आने की शिकायत की। उन्हें कालेज के स्टाफ और हमने मिलकर संभाला और जूस पिलाया। मोहल्ले के कई लोगों ने यह कहकर समझाया कि टीकाकरण में कभी कभी ऐसा होता है। इस पर भी वे नहीं माने। उनका कहना था कि जब तक बेटियों की हालत ठीक नहीं होगी टीम को नहीं जाने देंगे। इस पर प्रशासन को बुलाना पड़ा। मोहम्मद शहजाद, कालेज के प्रबंधक।
कोट--
टीम के साथ अभद्रता हुई है। एएनएम को थप्पड़ मारे गए हैं। वह बेहद डरी हुई हैं। अगर पुलिस तत्काल न पहुंचती तो कुछ ही हो सकता था। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। डा. जुहेब करीम, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, संभल।
वैक्सीन लगने के बाद चार छात्राओं की हालत बिगड़ी
स्वास्थ्य विभाग की टीम से मारपीट, मचा हंगामा
टीम ने एसडीएम को सूचना दी, मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों से टीम को बचाया
चिकित्साधीक्षक बोले, वैक्सीन से नहीं, डर लगने से बिगड़ी हालत
अमर उजाला ब्यूरो