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IPL 2026: दो बीमर के बावजूद बॉलिंग से क्यों नहीं हटाए गए कार्तिक त्यागी? लीग के सबसे दिलचस्प नियम का सारा खेल

Mon, 27 Apr 2026 11:30 AM IST
Swapnil Shashank स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

केकेआर के कार्तिक त्यागी ने एक ओवर में दो बीमर डाले, लेकिन उन्हें गेंदबाजी जारी रखने दी गई क्योंकि अंपायर ने दूसरी गेंद को खतरनाक नहीं माना। आईपीएल नियमों के अनुसार सिर्फ दो खतरनाक गेंदों पर ही गेंदबाज को रोका जाता है।
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कार्तिक और रहाणे - फोटो : PTI
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विस्तार
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आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जाएंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला गया मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। मैच आखिरी ओवर तक गया और फिर सुपर ओवर तक पहुंचा। लेकिन इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहे केकेआर के तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी, जिन्होंने एक ही ओवर में दो बीमर गेंदें डालीं।
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दो बीमर, फिर भी जारी रही गेंदबाजी
आखिरी ओवर में 17 रन बचाने उतरे त्यागी दबाव में नजर आए और उन्होंने लखनऊ के बल्लेबाज हिम्मत सिंह को दो बार कमर से ऊपर फुल गेंद डाली। आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि दो बीमर डालने पर गेंदबाज को मैच से हटा दिया जाता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ।



आईपीएल का नियम क्या कहता है?
आईपीएल 2026 के नियम (क्लॉज 41.7) के मुताबिक, हर कमर से ऊपर फुल टॉस गेंद को 'अनफेयर' माना जाता है और उस पर नो-बॉल दी जाती है। लेकिन डेंजरस (खतरनाक) गेंद अलग श्रेणी में आती है। अगर अंपायर को लगे कि गेंद बल्लेबाज को चोट पहुंचा सकती है, तभी उसे खतरनाक माना जाएगा। आईपीएल प्लेइंग कंडीशंस के क्लॉज 41.7 के मुताबिक 'अनफेयर' और 'डेंजरस' यानी खतरनाक गेंद में फर्क किया गया है। आइए जानते हैं...



क्लॉज 41.7.1: कोई भी गेंद जो पॉपिंग क्रीज पर खड़े बल्लेबाज की कमर से ऊपर बिना पिच किए गुजरती है या गुजर सकती है, उसे 'अनफेयर' माना जाएगा, चाहे उससे चोट लगने की संभावना हो या नहीं। ऐसी स्थिति में अंपायर तुरंत नो-बॉल देगा।

क्लॉज 41.7.2: अगर अंपायर को लगे कि इससे बल्लेबाज को चोट लगने का खतरा है, तो क्लॉज 41.7.1 के तहत आने वाली गेंद को 'डेंजरस' भी माना जाएगा। इस निर्णय में अंपायर गेंद की गति, ऊंचाई, दिशा, बल्लेबाज की क्षमता और ऐसी गेंदों की रिपीटेशन को ध्यान में रखेगा, जबकि सुरक्षा उपकरणों को नजरअंदाज किया जाएगा।

यानी हर कमर से ऊपर फुल टॉस गेंद नो-बॉल (अनफेयर) तो होती है, लेकिन हर बार उसे खतरनाक (डेंजरस) नहीं माना जाता। साथ ही गेंदबाज को तभी रोका जाता है जब वह दो डेंजरस कैटेगरी गेंदें डालता है। इसी वजह से कार्तिक त्यागी को गेंदबाजी जारी रखने की अनुमति मिली, क्योंकि अंपायर ने उनकी दूसरी बीमर को खतरनाक नहीं माना। इसलिए उन्हें गेंदबाजी जारी रखने की अनुमति मिली। कई दर्शक और एक्सपर्ट इस बात से हैरान रह गए कि दो बीमर के बावजूद त्यागी को क्यों नहीं रोका गया, लेकिन आईपीएल के नियमों के मुताबिक अंपायर का फैसला पूरी तरह सही था।
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मैच में क्या हुआ आगे?
दूसरी फुल टॉस पर हिम्मत सिंह ने फ्री हिट का फायदा उठाते हुए चौका लगाया। हालांकि, त्यागी ने वापसी करते हुए अगली ही गेंद पर विकेट लिया और बाद की गेंदों पर रन रोक दिए। इसके बावजूद मैच का रुख तब बदला जब मोहम्मद शमी ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर स्कोर बराबर कर दिया और मुकाबला सुपर ओवर में पहुंच गया। सुपरओवर में लखनऊ की टीम एक रन ही बना पाई और दो विकेट गंवा दिए। इसके बाद केकेआर ने सुपरओवर की पहली गेंद पर चौका लगाकर मैच जीत लिया।
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