दो बीमर, फिर भी जारी रही गेंदबाजी
आखिरी ओवर में 17 रन बचाने उतरे त्यागी दबाव में नजर आए और उन्होंने लखनऊ के बल्लेबाज हिम्मत सिंह को दो बार कमर से ऊपर फुल गेंद डाली। आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि दो बीमर डालने पर गेंदबाज को मैच से हटा दिया जाता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ।
आईपीएल का नियम क्या कहता है?
आईपीएल 2026 के नियम (क्लॉज 41.7) के मुताबिक, हर कमर से ऊपर फुल टॉस गेंद को 'अनफेयर' माना जाता है और उस पर नो-बॉल दी जाती है। लेकिन डेंजरस (खतरनाक) गेंद अलग श्रेणी में आती है। अगर अंपायर को लगे कि गेंद बल्लेबाज को चोट पहुंचा सकती है, तभी उसे खतरनाक माना जाएगा।
आईपीएल प्लेइंग कंडीशंस के क्लॉज 41.7 के मुताबिक 'अनफेयर' और 'डेंजरस' यानी खतरनाक गेंद में फर्क किया गया है। आइए जानते हैं...
क्लॉज 41.7.1: कोई भी गेंद जो पॉपिंग क्रीज पर खड़े बल्लेबाज की कमर से ऊपर बिना पिच किए गुजरती है या गुजर सकती है, उसे 'अनफेयर' माना जाएगा, चाहे उससे चोट लगने की संभावना हो या नहीं। ऐसी स्थिति में अंपायर तुरंत नो-बॉल देगा।
क्लॉज 41.7.2: अगर अंपायर को लगे कि इससे बल्लेबाज को चोट लगने का खतरा है, तो क्लॉज 41.7.1 के तहत आने वाली गेंद को 'डेंजरस' भी माना जाएगा। इस निर्णय में अंपायर गेंद की गति, ऊंचाई, दिशा, बल्लेबाज की क्षमता और ऐसी गेंदों की रिपीटेशन को ध्यान में रखेगा, जबकि सुरक्षा उपकरणों को नजरअंदाज किया जाएगा।
यानी हर कमर से ऊपर फुल टॉस गेंद नो-बॉल (अनफेयर) तो होती है, लेकिन हर बार उसे खतरनाक (डेंजरस) नहीं माना जाता। साथ ही गेंदबाज को तभी रोका जाता है जब वह दो डेंजरस कैटेगरी गेंदें डालता है। इसी वजह से कार्तिक त्यागी को गेंदबाजी जारी रखने की अनुमति मिली, क्योंकि अंपायर ने उनकी दूसरी बीमर को खतरनाक नहीं माना। इसलिए उन्हें गेंदबाजी जारी रखने की अनुमति मिली। कई दर्शक और एक्सपर्ट इस बात से हैरान रह गए कि दो बीमर के बावजूद त्यागी को क्यों नहीं रोका गया, लेकिन आईपीएल के नियमों के मुताबिक अंपायर का फैसला पूरी तरह सही था।