आयरलैंड ने भारत को दोनों टी20 मुकाबलों में हराकर इतिहास रच दिया। खराब शुरुआत, साझेदारियों की कमी, डेथ ओवरों में कमजोर बल्लेबाजी, टीम संयोजन पर सवाल और आयरलैंड की अनुशासित गेंदबाजी भारत की हार की सबसे बड़ी वजहें रहीं। अब भारतीय टीम की नजर इंग्लैंड दौरे पर होगी।
टी20 विश्व चैंपियन भारत से शायद ही किसी ने उम्मीद की होगी कि वह आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज 2-0 से हार जाएगा, लेकिन बेलफास्ट में पहले 34 रन और फिर एक रन की हार ने भारतीय टीम की कई कमजोरियों को उजागर कर दिया। यह सिर्फ खराब दिन का नतीजा नहीं था, बल्कि पूरी सीरीज में लगातार दोहराई गई गलतियों का परिणाम था। आंकड़े, मैच की परिस्थितियां और क्रिकेट विशेषज्ञों की राय बताती है कि भारत की हार के पीछे पांच प्रमुख कारण रहे।
विज्ञापन
पहले जानिए कि भारत के लिए हार क्यों चौंकाने वाली रही?
भारत ने अगस्त 2023 से कम से कम दो मैचों की अब तक कभी कोई टी20 सीरीज नहीं गंवाई थी।
यानी पहले हार्दिक पांड्या, फिर रोहित शर्मा और उसके बाद सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में हम लगाता विजयी रहे थे।
18 अगस्त 2023 से लेकर 31 जनवरी 2026 तक कम से कम दो मैचों की टी20 द्विपक्षीय सीरीज में भारत हारा नहीं था।
आयरलैंड ने टी20 की विश्व चैंपियन भारत का यह विजयी रथ रोक दिया।
इतना ही नहीं, भारत का इस तरह लगातार 16 सीरीज जीत का सिलसिला भी रुक गया।
लगातार दूसरे मैच में भारत की बल्लेबाजी बेहद खराब रही।
अब भारतीय टीम की हार के कारणों के बारे में जानते हैं
भारतीय टीम
- फोटो : BCCI
1. बल्लेबाजी में खराब शुरुआत ने हर मैच मुश्किल बना दिया
भारत दोनों मुकाबलों में पावरप्ले का फायदा नहीं उठा सका। पहले टी20 में 183 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत नियमित अंतराल पर विकेट गंवाता रहा और 148 रन पर ऑलआउट हो गया।
दूसरे मैच में भी 155 रन जैसे साधारण लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए, जिससे मध्यक्रम पर अतिरिक्त दबाव आ गया।
पहले टी20 में भारत ने 90 रन पर शुरुआती पांच बल्लेबाजों को खो दिया था, जबकि दूसरे टी20 में 35 रन पर चार विकेट और फिर 74 रन के स्कोर तक आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी।
टी20 क्रिकेट में मजबूत शुरुआत लक्ष्य का पीछा आसान बनाती है, लेकिन भारत दोनों मैचों में शुरुआत से ही बैकफुट पर चला गया। पहले मैच में 16 रन की और दूसरे मैच में शून्य की ओपनिंग साझेदारी हुई।
2. साझेदारियां नहीं बनीं, तिलक वर्मा अकेले लड़ते रहे
सिर्फ शीर्ष क्रम नहीं, भारत का मध्यक्रम भी फ्लॉप रहा। दूसरे टी20 में तिलक वर्मा ने 55 रन बनाकर टीम को मुकाबले में बनाए रखा, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें लगातार सहयोग नहीं मिला।
यही हाल पहले टी20 में अभिषेक शर्मा के साथ था। कुल मिलाकर इस सीरीज में भारत के सिर्फ दो बल्लेबाज चले, जो दो पारियों में 50 के करीब या उससे ज्यादा रन बना सके।
पूरी सीरीज में भारत के बल्लेबाज बड़ी साझेदारी बनाने में नाकाम रहे। विकेट लगातार गिरते रहे और कोई बल्लेबाज मैच को अंत तक ले जाने की जिम्मेदारी नहीं निभा सका।
यही कारण रहा कि 155 रन का लक्ष्य भी बड़ा साबित हुआ।
It was too little earlier…under Gambhir, it’s too many. The ‘all rounders’. India need a PURE middle order batter, pronto!
आयरलैंड के युवा गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों और आखिरी ओवरों में बेहद अनुशासित गेंदबाजी की।
दूसरे टी20 में जय मूंद्रा ने 3/32 विकेट लिए। मैट हॉलार्ड ने भी 3/26 का शानदार प्रदर्शन किया।
दोनों गेंदबाजों ने दबाव के समय विकेट लेकर भारत की रनगति पर पूरी तरह लगाम लगा दी।
सिर्फ एक रन से मिली जीत यह दिखाती है कि आयरलैंड के युवा गेंदबाजों ने दबाव में भारत से बेहतर क्रिकेट खेली।
4. टीम संयोजन और बल्लेबाजी क्रम पर उठे सवाल
सीरीज हारने के बाद टीम चयन और रणनीति पर भी सवाल उठे।
पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने कहा कि भारत को हरफनमौला खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाने के बजाय एक स्पेशलिस्ट मिडिल ऑर्डर बैटर की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज अधिक सफल हो सकते हैं।
टीम चयन को लेकर वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं देने पर भी काफी चर्चा हुई।
भारत बनाम आयरलैंड
- फोटो : IANS
5. आयरलैंड ने भारत से ज्यादा निडर और बेहतर क्रिकेट खेली
भारत की हार की सबसे बड़ी वजह सिर्फ उसकी गलतियां नहीं थीं, बल्कि आयरलैंड का शानदार प्रदर्शन भी था।
पहले मैच में 182 रन बनाकर भारत को 34 रन से हराया।
दूसरे मैच में सिर्फ 154 रन बनाकर भी लक्ष्य बचा लिया।
कप्तान लॉर्कन टकर की अगुआई में टीम ने दबाव के हर पल में बेहतर फैसले लिए।
तेज गेंदबाजों और फील्डरों ने एक भी आसान मौका नहीं छोड़ा।
6. सीम और बाउंस वाली पिचों पर बल्लेबाजों का संघर्ष
भारत पिछले दो वर्षों में टी20 क्रिकेट की सबसे सफल टीमों में रहा है, लेकिन आयरलैंड दौरे ने यह भी दिखाया कि सीम और अतिरिक्त उछाल वाली परिस्थितियों में बल्लेबाजों को अभी और अनुभव तथा बेहतर तकनीकी तैयारी की जरूरत है।
दोनों मैचों में बल्लेबाज परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति नहीं बदल सके और लगातार विकेट गंवाते रहे। लगातार बदलाव भी समझ से परे रहे।
पहले टी20 में जिस पिच पर वॉशिंगटन सुंदर को खिलाया गया, अगले मैच में सूर्यांश शेडगे खेले। ऐसे में सवाल उठता है कि पहले टी20 में पिच गलत पढ़ी गई थी, या दूसरे टी20 में।
सुंदर पहले टी20 में न तो बैटिंग में चले और गेंदबाजी तो उनसे डेथ ओवर्स में कराई गई, जो कि उनकी विशेषता नहीं रही है। सूर्यांश ने ने दूसरे टी20 में 12.50 की इकोनॉमी से रन दिए। वहीं, सूर्यांश ने पांच गेंद में एक रन बनाए।
भारतीय खिलाड़ियों ने हाल ही में आईपीएल खेला था और भारत में सपाट पिचों पर आईपीएल खेला जाता है। ऐसे में आयरलैंड में जैसे ही तेज उछाल वाली पिचें मिलीं, खिलाड़ी उससे तालमेल नहीं बैठा पाए।
भारत बनाम आयरलैंड
- फोटो : IANS
7. तेज गेंदबाजी भी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी
तेज गेंदबाजी विभाग भी लगातार चर्चा में रहा। प्रसिद्ध कृष्णा से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन वह दोनों मैचों में अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सके।
कई क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि उन्हें अपनी गेंदबाजी में अधिक विविधता, खासकर यॉर्कर और डेथ ओवरों की योजनाओं पर काम करने की जरूरत है।
वहीं, प्रिंस यादव ने दूसरे टी20 में तीन विकेट लेकर सकारात्मक संकेत जरूर दिए और भविष्य के विकल्प के रूप में अपनी दावेदारी मजबूत की।
8. क्या श्रेयस को तालमेल बैठाने में हो रही दिक्कत
भारतीय चयनकर्ताओं ने अचानक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया। जो खिलाड़ी ढाई साल बाद टी20 टीम में वापसी कर रहा हो, उसे सीधे कप्तान बना दिया गया।
पिछले ढाई साल में भारतीय टीम की रणनीति में क्या बदलाव हुए और मौजूदा खिलाड़ियों की मजबूती और कमजोरी के बारे में वापसी करने वाले खिलाड़ी को कैसे पता होगा, इसको लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
श्रेयस और प्रिंस को छोड़ दिया जाए तो ये टीम लगभग वही है, जिसने पिछले कुछ वर्षों में टी20 क्रिकेट में भारत की धाक जमाई है, लेकिन अचानक इन्हें क्या हुआ, इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं।
श्रेयस अच्छे कप्तान रहे हैं, लेकिन क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी खिलाड़ी को अचानक टीम में लाकर कप्तान बना देने से अन्य खिलाड़ियों के मन में एक यह विचार भी आता है कि कल कोई नया खिलाड़ी टीम में घुसते ही कप्तान बनाया जा सकता है।
इन्हीं कारणों की वजह से आयरलैंड ने भारत के खिलाफ अपने इतिहास की पहली टी20 सीरीज जीत दर्ज की।
श्रेयस अय्यर
- फोटो : IANS
बेंच पर बैठे रह गए वैभव सूर्यवंशी
पहले टी20 में बल्लेबाजों की नाकामी के बावजूद टीम मैनेजमेंट ने 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर दूसरे टी20 मुकाबले के लिए भरोसा नहीं जताया। वैभव भारत ए की तरफ से ट्राई सीरीज में जबरदस्त प्रदर्शन करके लौटे थे और वह अकेले दम पर किसी भी मैच का रुख पलट सकते थे।
भारत के लिए सकारात्मक बातें भी रहीं
हार के बावजूद कुछ प्रदर्शन उत्साह बढ़ाने वाले रहे।
प्रिंस यादव ने डेब्यू मैच में 3/22 विकेट लेकर प्रभावित किया।
तिलक वर्मा ने दबाव में अर्धशतक जड़ा।
गेंदबाजों ने दूसरे टी20 में आयरलैंड को सिर्फ 154 रन पर रोक दिया, जिससे मैच आखिरी गेंद तक गया।
अब इंग्लैंड दौरे पर होगी अग्निपरीक्षा
आयरलैंड के खिलाफ 2-0 की हार के बाद भारतीय टीम अब सीधे इंग्लैंड दौरे पर उतरेगी, जहां एक जुलाई से पांच मैचों की टी20 सीरीज शुरू होगी। यह सीरीज भारत के लिए वापसी करने और आयरलैंड दौरे की गलतियों को सुधारने का बड़ा मौका होगी।