जहीर खान
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1. धोनी को जहीर की क्रिकेटिंग समझ पर भरोसा
जहीर खान की नियुक्ति में एमएस धोनी की भूमिका अहम रही। सीएसके के मैनेजिंग डायरेक्टर काशी विश्वनाथन के मुताबिक, फ्रेंचाइजी ने धोनी की सिफारिश पर जहीर को चुना। धोनी का जहीर की क्रिकेटिंग समझ पर भरोसा काफी पुराना है। 2012 टी20 विश्व कप के दौरान धोनी ने जहीर की तुलना सचिन तेंदुलकर से करते हुए कहा था, 'जहीर को वही सम्मान मिलना चाहिए जो सचिन को मिलता है। जब गेंदबाजी विभाग की बात आती है तो वह हमारे लिए सचिन हैं। पिछले कुछ वर्षों से उन्होंने हमारे आक्रमण की अगुवाई की है और किसी भी प्रारूप में वह हमारे सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रहे हैं।' 14 साल बाद धोनी ने उसी क्रिकेटिंग समझ वाले जहीर को सीएसके को दोबारा तैयार करने की जिम्मेदारी दी है।
जहीर और धोनी
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2. टीम को रणनीतिक बदलाव की जरूरत थी
फ्लेमिंग के दौर में सीएसके की रणनीति काफी हद तक स्थिर रही। टीम शुरुआत में विकेट बचाने और बाद में तेजी से रन बनाने के पारंपरिक तरीके पर निर्भर रही। लेकिन आधुनिक टी20 क्रिकेट में तेजी से रन बनाने पर जोर बढ़ा है। 2024 के बाद से सीएसके का ओवरऑल रन रेट आईपीएल में सबसे कम रहा है और इस दौरान उससे कम टीमों ने 200 से ज्यादा का स्कोर बनाया है। लगातार तीन सीजन प्लेऑफ से बाहर रहने के बाद सीएसके को एक रणनीतिक बदलाव की जरूरत महसूस हुई। जहीर की नियुक्ति इसी बदलाव का हिस्सा मानी जा रही है।
जहीर खान
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3. जहीर मुश्किल फैसले लेने से नहीं हिचकते
जहीर का पिछला अनुभव बताता है कि जरूरत पड़ने पर वह कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटते। लखनऊ सुपर जाएंट्स में उनके छोटे कार्यकाल के दौरान आईपीएल 2025 नीलामी से पहले टीम की विस्तृत डेटा-आधारित समीक्षा की गई थी। आंकड़ों से यह पैटर्न सामने आया कि जब कप्तान केएल राहुल धीमी स्ट्राइक रेट के साथ पारी को संभालते थे, तब टीम की जीत की संभावना काफी कम हो जाती थी। इसके बाद टीम ने अपने कप्तान से आगे बढ़ने का फैसला किया। यह उदाहरण जहीर के फैसले लेने के तरीके को दिखाता है, जहां टीम की जरूरत के हिसाब से बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
जहीर खान
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4. खिलाड़ियों की भूमिका तय करने में मदद मिल सकती है
सीएसके की एक बड़ी समस्या भूमिका की स्पष्टता रही है। टीम के पास प्रतिभा होने के बावजूद खिलाड़ियों की भूमिका हमेशा स्पष्ट नहीं रही। एलएसजी में जहीर ने इसका एक उदाहरण पेश किया था। 27 करोड़ रुपये में ऋषभ पंत को खरीदने के बाद उनके ओपनिंग करने को लेकर चर्चा थी। जहीर ने इसके बजाय मिचेल मार्श और एडेन मार्करम को ओपन कराने, निकोलस पूरन को नंबर-तीन पर रखने और पंत को मध्यक्रम में उतारने की योजना बनाई। पंत भले ही उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए, लेकिन मार्श ने 627 रन, पूरन ने 524 रन और 196 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से रन बनाए, जबकि मार्करम ने 445 रन बनाए। सीएसके को जहीर से इसी तरह खिलाड़ियों की भूमिका स्पष्ट करने की उम्मीद होगी।
जहीर खान
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5. जहीर के पास कोचिंग के साथ प्रशासनिक अनुभव भी है
जहीर सिर्फ गेंदबाजी विशेषज्ञ नहीं हैं। वह 2016-17 में दिल्ली डेयरडेविल्स के युवा खिलाड़ियों के साथ कप्तान और मेंटर की भूमिका में रहे। 2017 में भारत के गेंदबाजी सलाहकार बने और मुंबई इंडियंस में पांच साल तक काम किया। मुंबई में उन्होंने पहले डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट ऑपरेशंस और बाद में फ्रेंचाइजी के वैश्विक नेटवर्क की जिम्मेदारी संभाली। 2019 और 2020 में लगातार खिताब जीतने वाली मुंबई की टीम तैयार करने में भी उनकी भूमिका रही। 2025 में वह एलएसजी के मेंटर रहे। यानी चेन्नई को जहीर में क्रिकेटिंग और प्रशासनिक, दोनों तरह का अनुभव मिलेगा।
जहीर खान
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क्या जहीर के आने से सीएसके में बदलाव आएगा?
सबसे तत्काल बदलाव टीम के तेज गेंदबाजी विभाग में देखने को मिल सकता है। खलील अहमद, अंशुल कंबोज, मुकेश चौधरी और गुरजपनीत सिंह जैसे गेंदबाजों को भारत के बेहतरीन गेंदबाजी दिमागों में से एक जहीर से सीधे तकनीकी मार्गदर्शन मिलेगा। खिलाड़ियों की भूमिका स्पष्ट करने पर भी जोर रह सकता है। जहीर का एलएसजी में अनुभव बताता है कि वह खिलाड़ियों के लिए स्पष्ट भूमिकाएं तय करने की कोशिश करते हैं।
इसके अलावा खिलाड़ियों की खरीद और टीम बनाने की रणनीति में भी कुछ बदलाव की उम्मीद है। फ्लेमिंग के दौर में सीएसके की नीलामी रणनीति निरंतरता, पुराने मुख्य खिलाड़ियों को दोबारा खरीदने और स्थापित अंतरराष्ट्रीय मैच विजेताओं पर भरोसा करने के लिए जानी जाती थी। जहीर के पास मुंबई इंडियंस के साथ घरेलू प्रतिभाओं की पहचान करने का अनुभव है। ऐसे में वह आधुनिक टी20 के नजरिये से घरेलू खिलाड़ियों की तलाश और टीम की गहराई पर ज्यादा ध्यान दे सकते हैं।
सीएसके
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असली परीक्षा कब होगी?
आईपीएल 2027 की आगामी मिनी नीलामी जहीर की रणनीति की पहली झलक देगी। हालांकि, मिनी नीलामी होने के कारण सीएसके की टीम का ढांचा काफी हद तक पहले से तैयार है। इसलिए जहीर के पास बड़े बदलाव के बजाय छोटे सुधार करने की गुंजाइश होगी। उनकी दीर्घकालिक सोच की असली परीक्षा अगले मेगा ऑक्शन में होगी, जहां घरेलू प्रतिभाओं की पहचान, टीम में गहराई तैयार करने और पर्स की रणनीति जैसे फैसलों में उनकी भूमिका ज्यादा स्पष्ट होगी। सीएसके की पहचान उसकी निरंतरता और पांच आईपीएल खिताबों से बनी है। जहीर से उस संस्कृति को बदलने की नहीं, बल्कि उसके पीछे की टीम को आधुनिक टी20 क्रिकेट के हिसाब से तैयार करने की उम्मीद होगी।