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कौन हैं रजाउल्लाह?: डेब्यू टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ बल्ले से मचाई तबाही, नौ छक्के जड़कर बनाया खास रिकॉर्ड

Sat, 12 Sep 2026 01:28 PM IST
शिवम गर्ग स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई

सार

पाकिस्तान के युवा रजाउल्लाह ने इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू टेस्ट में बल्ले से सनसनी मचा दी। नौवें नंबर पर उतरे रजाउल्लाह ने सिर्फ 63 गेंदों पर 81 रन ठोके और नौ छक्के जड़कर रिकॉर्ड बना दिया। आखिर कौन हैं यह युवा ऑलराउंडर? आइए, जानते हैं...

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रजाउल्लाह - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल यूं ही नहीं कहा जाता। बर्मिंघम के एजबेस्टन में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेले जा रहे तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन इसका शानदार उदाहरण देखने को मिला। पाकिस्तान पर पारी की हार का खतरा मंडरा रहा था। तभी नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे युवा रजाउल्लाह ने इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उन्होंने ऐसी तूफानी पारी खेली कि उनका नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया।
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रजाउल्लाह ने महज 63 गेंदों पर 81 रन बनाए। उनकी इस पारी में चार चौके और नौ छक्के शामिल रहे। उनकी पारी की बदौलत पाकिस्तान ने दूसरी पारी में 449 रन बनाए और इंग्लैंड के सामने 129 रन की बढ़त हासिल की।
 

डेब्यू टेस्ट में नौ छक्के, बनाया खास रिकॉर्ड
रजाउल्लाह ने अपनी तूफानी पारी के दौरान नौ छक्के लगाए। इसके साथ ही वह टेस्ट डेब्यू में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त रूप से शीर्ष पर पहुंच गए। इस मामले में उन्होंने न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज टिम साउदी की बराबरी की। साउदी ने 2008 में नेपियर में इंग्लैंड के खिलाफ अपने टेस्ट डेब्यू पर नौ छक्के लगाए थे।


रजाउल्लाह ने एक और खास रिकॉर्ड अपने नाम किया। वह टेस्ट क्रिकेट में नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इस सूची में तीसरे स्थान पर वेस्टइंडीज के काइल मायर्स हैं। मायर्स ने 2021 में चटगांव में बांग्लादेश के खिलाफ अपने टेस्ट डेब्यू पर सात छक्के लगाए थे।
 

रजाउल्लाह - फोटो : Twitter
अब्बास के साथ मिलकर पलटा मैच
रजाउल्लाह ने 128 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। उन्होंने मोहम्मद अब्बास के साथ मिलकर नौवें विकेट के लिए 121 रन की अहम साझेदारी की। अब्बास ने भी उनका पूरा साथ दिया। उन्होंने 67 गेंदों पर पांच चौकों और दो छक्कों की मदद से 42 रन बनाए। दोनों की साझेदारी ने पाकिस्तान को पारी की हार से बचाने में बड़ी भूमिका निभाई।

रजाउल्लाह से पहले पाकिस्तान की पारी में शान मसूद ने शानदार 95 रन बनाए। उन्होंने 148 गेंदों का सामना किया और 12 चौके लगाए। बाबर आजम ने भी 76 रन की पारी खेली। उन्होंने 103 गेंदों पर 11 चौके और एक छक्का लगाया। वहीं अजान अवैस ने 84 गेंदों पर 10 चौकों की मदद से 59 रन बनाए। हालांकि, पाकिस्तान के लिए दिन का सबसे बड़ा आकर्षण रजाउल्लाह की विस्फोटक बल्लेबाजी रही।

'मैंने उस पल का आनंद लिया'
अपनी शानदार बल्लेबाजी के बाद रजाउल्लाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्हें दर्शकों से मिली स्टैंडिंग ओवेशन काफी पसंद आई। उन्होंने कहा कि वह जिंदगी का आनंद लेना पसंद करते हैं और उस पल का भी पूरा आनंद ले रहे थे।
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कौन हैं रजाउल्लाह?
21 साल के रजाउल्लाह का अंतरराष्ट्रीय अनुभव बेहद सीमित है। एजबेस्टन में इंग्लैंड के खिलाफ उन्हें पाकिस्तान की प्लेइंग-11 में शामिल किया गया और अपने करियर के पहले ही टेस्ट में मुश्किल परिस्थिति का सामना करना पड़ा। रजाउल्लाह का जन्म पेशावर के मर्दान में हुआ है। टेस्ट क्रिकेट में कदम रखने से पहले उन्होंने सिर्फ आठ प्रथम श्रेणी मैच खेले थे। नवंबर 2025 में उन्होंने अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था। घरेलू क्रिकेट में वह अपनी बल्लेबाजी की झलक पहले ही दिखा चुके थे। पेशावर की ओर से खेलते हुए उन्होंने शतक भी लगाया था और उस मुकाबले में पारी की शुरुआत की थी।

असल पहचान तेज गेंदबाज की
रजाउल्लाह की पहचान मुख्य रूप से तेज गेंदबाज के रूप में है। इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट में भी उन्होंने गेंद से अपनी क्षमता का संकेत दिया। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपनी सिर्फ चौथी गेंद पर इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट को आउट कर दिया। हालांकि बाद में उनके गेंदबाजी आंकड़े महंगे रहे, लेकिन रूट का विकेट उनकी क्षमता की झलक दिखाने के लिए काफी था।

अचानक मिला टेस्ट खेलने का मौका
रजाउल्लाह का पाकिस्तान टीम में चयन भी सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुआ। लॉर्ड्स में मिली हार के बाद पाकिस्तान टीम में बड़ा बदलाव किया गया। सात खिलाड़ियों को बाहर किया गया और दो कोच भी हटा दिए गए। इसी बदलाव के बीच रजाउल्लाह को कम समय में टेस्ट टीम में शामिल किया गया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खुद को ढालने के लिए उन्हें ज्यादा समय नहीं मिला, लेकिन उन्होंने मौके को हाथ से जाने नहीं दिया।
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