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0-3 की हार के बाद पाकिस्तान में सर्जरी की तैयारी?: पीसीबी के सामने बड़ी चुनौती! बाबर को बचाएं या नई टीम बनाएं?

Tue, 15 Sep 2026 11:39 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लाहौर

सार

इंग्लैंड में 0-3 की हार के बाद पाकिस्तान की टेस्ट टीम के सामने कई बड़े सवाल हैं। टीम के कई खिलाड़ी दौरे के बाद अलग-अलग रास्ते पर चले गए हैं, जबकि कप्तानी, कोचिंग और चयन को लेकर भी बदलाव हुए हैं। अब पाकिस्तान को घरेलू टेस्ट सत्र से पहले अपनी टीम और रणनीति तय करनी होगी।
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पाकिस्तान टीम का क्या होगा - फोटो : ANI
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विस्तार
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इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-3 की हार के बाद पाकिस्तान के लिए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के रास्ता लगभग बंद हो चुका है। जब से डब्ल्यूटीसी आया है, तब से टीम किसी संस्करण में टॉप-तीन में जगह नहीं बना सकी है, फाइनल तो दूर की बात है। हालांकि, इंग्लैंड में हार ने, पाकिस्तान के टेस्ट स्टेटस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टीम तालिका में सबसे नीचे नौवें स्थान पर है। असली सवाल यह है कि अब उसकी टेस्ट टीम आखिर बचा क्या है?
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इंग्लैंड में पहली बार टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप होने के बाद पाकिस्तान के कई खिलाड़ी अलग-अलग रास्ते पर निकल चुके हैं। कोई कैरिबियन टी20 लीग खेल रहा है तो कोई इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट से जुड़ गया है। वहीं बाबर आजम कई वर्षों बाद घरेलू फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में लौटने वाले हैं। यह तस्वीर उस टीम की है, जो इंग्लैंड दौरे के दो सप्ताह के भीतर ही लगभग आधी बदल गई। कार्यवाहक कप्तान बाहर हो गए, विकेटकीपर को आपराधिक जांच के लिए वापस बुलाया गया और कोचिंग स्टाफ भी बदल दिया गया।

पाकिस्तान टीम - फोटो : IANS
पहले टीम तो तय करे पाकिस्तान
इंग्लैंड दौरे के बाद पाकिस्तान के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह तय करना है कि अगली टेस्ट टीम कैसी होगी। अभी यह साफ नहीं है कि टीम से हटाए गए खिलाड़ियों में से कितनों को सजा के तौर पर बाहर किया गया और कितनों को प्रदर्शन या परिस्थितियों के कारण। मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक के निकट भविष्य में पाकिस्तान की योजनाओं का हिस्सा नहीं होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन समस्या सिर्फ इन दो खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है।

पाकिस्तान अब ऐसी टीम नहीं रह गई है, जो खराब प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की जगह आसानी से नए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को ला सके। इसका सबसे बड़ा उदाहरण सलमान अली आगा हैं। इंग्लैंड दौरे पर उनकी फॉर्म खराब रही और महज 12 दिन के भीतर वह टीम की कप्तानी करने से लेकर वापस भेजे जाने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए, लेकिन इंग्लैंड दौरा खत्म होने के अगले ही दिन सलमान ने घरेलू क्रिकेट में नाबाद तिहरा शतक जड़ दिया। यानी सवाल यह भी है कि क्या पाकिस्तान के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के स्तर के बीच इतना अंतर है कि खराब फॉर्म से जूझ रहा उसका अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज भी घरेलू स्तर पर बेहद प्रभावशाली साबित हो जाता है?

सऊद शकील - फोटो : PCB
कुछ खिलाड़ियों से उम्मीद बाकी
इस बिखरी तस्वीर के बीच पाकिस्तान के लिए कुछ सकारात्मक संकेत भी हैं। अजान अवैस ने इंग्लैंड में सीमित मौकों के बावजूद कुछ उम्मीद जगाई है। सऊद शकील ने भी शॉर्ट गेंदों के खिलाफ अपनी परेशानी में सुधार के संकेत दिए। हालांकि सीरीज के अंत में उन्हें जोफ्रा आर्चर के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। अबदुल्लाह शफीक इंग्लैंड दौरे पर नहीं थे, लेकिन पाकिस्तान की घरेलू पिचों पर उनके आंकड़े उम्मीद जगाते हैं। ऐसे बल्लेबाजी क्रम में, जो लंबे समय से संघर्ष कर रहा है, उनका महत्व कम नहीं है। रजाउल्लाह भी इस समय पाकिस्तान क्रिकेट में चर्चा का नाम हैं। जब तक टीम को कोई नया आकर्षण नहीं मिलता, उनसे भी काफी उम्मीदें की जाएंगी।

रजाउल्लाह - फोटो : Amar Ujala Graphics
बाबर को लेकर बहस, लेकिन विकल्प कौन?
बाबर आजम की खराब फॉर्म पाकिस्तान में लंबे समय से बहस का विषय है। उन्होंने करीब चार साल से टेस्ट शतक नहीं लगाया है और शतक को बड़ी पारी में बदलने की उनकी क्षमता पर सवाल उठते रहे हैं। लेकिन आंकड़े एक दूसरा पक्ष भी दिखाते हैं। अक्तूबर 2024 में टीम से पहली बार बाहर किए जाने के बाद वापसी करने पर बाबर ने 22 पारियों में आठ अर्धशतक लगाए हैं और उनका औसत करीब 39 का रहा है। पाकिस्तान का कोई दूसरा खिलाड़ी इस अवधि में इन दोनों आंकड़ों से बेहतर नहीं रहा।

घरेलू क्रिकेट में भी फिलहाल ऐसा कोई बल्लेबाज नजर नहीं आता, जिसके आंकड़े बाबर के मौजूदा स्तर को दोहरा सकें। ऐसे में बाबर को पूरी तरह बाहर करने की बजाय मध्यक्रम में उनसे एक भरोसेमंद बल्लेबाज की भूमिका लेने का विकल्प पाकिस्तान के सामने है। बाबर अब उस स्तर के खिलाड़ी नहीं हैं, जिन्हें कभी फैब फोर में जगह बनाने का दावेदार माना जाता था। लेकिन मौजूदा पाकिस्तान टीम में उनके विकल्प को लेकर भी कोई मजबूत तस्वीर सामने नहीं आई है।

बाबर आजम - फोटो : PTI/BCB
अब्बास का क्या होगा?
एक और बड़ा सवाल मोहम्मद अब्बास को लेकर है। इंग्लैंड में पाकिस्तान के सबसे सफल गेंदबाज रहे अब्बास क्या फिर सिर्फ विदेशी दौरों के विशेषज्ञ बना दिए जाएंगे? पाकिस्तान में टेस्ट क्रिकेट में अब्बास के आंकड़े बहुत प्रभावशाली नहीं हैं। उन्होंने घरेलू मैदान पर अब तक टेस्ट में दहाई का आंकड़ा भी नहीं छुआ है। ऐसे में अगर पाकिस्तान फिर से घरेलू मैदानों पर धीमी और स्पिन मददगार पिचों की रणनीति पर कायम रहता है तो अब्बास की जगह पर सवाल उठ सकते हैं।

हालांकि, आगामी घरेलू कार्यक्रम इस रणनीति पर भी सवाल खड़ा करता है। नवंबर में श्रीलंका का दौरा होना है और उसके बाद न्यूजीलैंड आएगा। न्यूजीलैंड ने 2024 में भारत की स्पिन मददगार पिचों पर ही 3-0 से सीरीज जीतकर दिखाया था कि ऐसी रणनीति हमेशा पाकिस्तान के पक्ष में नहीं जा सकती।
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अब्बास गेंद के साथ - फोटो : ANI
नए टेस्ट कोच का फैसला भी अहम
पाकिस्तान टेस्ट टीम के अगले चरण में नए टेस्ट कोच की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होगी। माइक हेसन ने टेस्ट कोच पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। पाकिस्तान किस आधार पर अंतिम फैसला करता है, उससे टीम की दिशा तय हो सकती है। इंग्लैंड में मिली हार ने यह साफ कर दिया है कि पाकिस्तान को सिर्फ खिलाड़ियों के नाम बदलने से समस्या का समाधान नहीं मिलेगा। उसे यह तय करना होगा कि वह किस तरह का टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहता है, किस तरह के खिलाड़ियों पर भरोसा करना चाहता है और घरेलू क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर से कैसे जोड़ा जाए।

हर खिलाड़ी के लिए अस्तित्व की लड़ाई
इंग्लैंड दौरे के बाद पाकिस्तान की स्थिति ऐसी है, जहां हर खिलाड़ी को अपनी जगह के लिए लड़ना होगा। टीम को फिर से एक साथ आना होगा और अगले घरेलू टेस्ट सत्र से पहले अपनी पहचान तय करनी होगी। इंग्लैंड में जो हुआ, उसने यह दिखाया कि पाकिस्तान के लिए टीम से ज्यादा फिलहाल व्यक्तिगत अस्तित्व की लड़ाई बड़ी हो गई है। अगली सीरीज तक खिलाड़ी फिर एक टीम के रूप में मैदान पर उतरेंगे, लेकिन उन्हें यह साबित करना होगा कि वह सिर्फ खिलाड़ियों का समूह नहीं, बल्कि एक मजबूत टेस्ट टीम है।
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