ऑस्ट्रेलियाई दौरे से बाहर किए जाने के बाद मुंबई इंडियंस के लिए खेलने उतरे रोहित शर्मा की हैमस्ट्रिंग चोट पर बीसीसीआई की चुप्पी उसी के गले की फांस बन गई है।
बीसीसीआई के मेडिकल सलाहकार और स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अशोक आहुजा की मानें तो क्रिकेटरों में हैमिस्ट्रंग सबसे आम चोट है। फिर रोहित ने जिस तरह से मैदान पर वापसी की है उससे उन्हें लगता है कि उनको ग्रेड वन की हैमस्ट्रिंग है। ऐसे में उन्हें टीम में शामिल कर उनके उबरने का इंतजार किया जा सकता था। ग्रेड वन हैमिस्ट्रंग से उबरने के लिए दो सप्ताह का समय लगता है।
रोहित मंगलवार को सनराइजर्स के खिलाफ अच्छी तरह से गेंद के पीछे भागते दिखे। क्रिकेटरों को हैमिस्ट्रंग की समस्या ज्यादातर दौड़ने के दौरान आती है। वह दौड़ने के लिए अपनी पूरी ऊर्जा लगाते हैं जिससे घुटने के पीछे की मांसपेशियों में खिंचाव पैदा होता है। यह मांसपेशी हिप ज्वाइंट और घुटने से जुड़ी होती है। इसलिए इसमें खिंचाव का खतरा रहता है। जो खिलाड़ी फिटनेस पर ध्यान देते हैं उनमें यह समस्या आने के बाद शरीर खुद इससे उबारने में मदद करता है। रोहित के साथ भी यही हुआ होगा।
ग्रेड दो की हैमस्ट्रिंग में उबरने में लगता है समय : ग्रेड दो की हैमस्ट्रिंग से उबरने में कुछ ज्यादा समय लगता है। यह समय तीन माह तक का हो सकता है, लेकिन उन्हें रोहित मामले में ऐसा नहीं लगाता। अगर रोहित को गंभीर हैमस्ट्रिंग होती तो वह मैदान पर इतनी जल्दी वापसी नहीं कर सकते थे।
डॉ. आहुजा यह भी कहते हैं कि हैमस्ट्रिंग से उबरने के बाद खिलाड़ी की फिटनेस का पता आइसोकाइनेटिक इवोल्यूशन के जरिए किया जा सकता है। इस टेस्ट से यह पता लगता है कि उसकी मांसपेशियों में कितनी शक्ति आई है। यही टेस्ट रोहित का भी किया जा सकता है।
रोहित का फिट होना अच्छी खबर : गावस्कर
दुबई। दिग्गज सुनील गावस्कर ने रोहित के फिट होकर वापसी करने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले टीम इंडिया के लिए यह खबर है।
उन्होंने कहा,‘रोहित की चोट को लेकर पहले जो कुछ भी हुआ, उसे दरकिनार करते हैं मैं यही कहूंगा कि उनका फिट होना भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छी खबर है।
साथ ही कहा सभी ने यह सोचकर चिंता जताई थी कि वापसी में जल्दबाजी करने पर चोट बढ़ सकती है जो जायज है। लेकिन वह आत्मविश्वास से भरपूर दिखे। उन्होंने सीमा के पास और 30 गज के भीतर फील्डिंग की। उन्होंने मैच खेलकर यह दिखा दिया कि वह फिट हैं। बीसीसीआई अगर फिर से उनका फिटनेस टेस्ट लेना चाहे तो इसमें कुछ गलत नहीं है।
कप्तानी, उपकप्तानी तो कोई मसला ही नहीं होना चाहिए। अहम मुद्दा यह है कि खिलाड़ी खेलने के लिए उपलब्ध है या नहीं और वह है। उसने मैच से पहले दो बार कहा कि वह फिट है। कल के बारे में बात करने की बजाय आज की बात करें और आज वह फिट हैं।’