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Team India: न फिनिशर, न फुल कोटा गेंदबाज... वॉशिंगटन सुंदर के साथ हो क्या रहा है? मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल

Sat, 27 Jun 2026 06:54 PM IST
शिवम गर्ग स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वाशिंगटन सुंदर की क्या भूमिका है? यह एक ऐसा सवाल है जिसका सटीक जवाब शायद सिर्फ भारतीय टीम मैनेजमेंट के पास ही है। सुंदर की टी20 टीम में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में उनके उपयोग को लेकर टीम इंडिया मैनेजमेंट की रणनीति चर्चा में है।
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वाशिंगटन सुंदर - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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क्या वाशिंगटन सुंदर एक ऐसे बल्लेबाज हैं जो ठीक-ठाक ऑफ-स्पिन गेंदबाजी कर लेते हैं? या फिर वह एक विशेषज्ञ ऑफ-ब्रेक स्पिनर हैं जो जरूरत पड़ने पर निचले क्रम में कुछ रन भी जोड़ सकते हैं? यह सवाल काफी समय से क्रिकेट गलियारों में तैर रहा है, लेकिन 26 साल के इस खिलाड़ी का जिस तरह से भारतीय टीम मैनेजमेंट इस्तेमाल कर रहा है, उसके बाद अब यह सवाल सरेआम पूछा जाने लगा है।

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सुंदर के रोल को लेकर कोई स्पष्टता है?
मुख्य कोच गौतम गंभीर और उनके सहयोगी स्टाफ के पास वाशिंगटन सुंदर की भूमिका को लेकर कोई वास्तविक स्पष्टता है या नहीं, यह उनके आंकड़ों से साफ झलकता है। सुंदर ने अब तक कुल 61 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, लेकिन न तो वह एक ऐसे बल्लेबाज दिखे हैं जो अपनी ताकतवर बल्लेबाजी से मैच फिनिश कर सके और न ही वह एक ऐसे स्पिनर के रूप में उभर पाए हैं जिन्हें लेकर विरोधी टीमों के कोच रात-रात भर रणनीति बनाने में जुटे रहें।

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सुंदर सिर्फ एक कामचलाऊ खिलाड़ी हैं?
वाशिंगटन सुंदर कोई नए खिलाड़ी नहीं हैं। 26 साल की उम्र में वह सीनियर टीम के ड्रेसिंग रूम में लगभग एक दशक का समय बिता चुके हैं, क्योंकि उन्होंने अपने 18वें जन्मदिन से पहले ही भारत के लिए पहला मैच खेल लिया था। लेकिन जब किसी खिलाड़ी को 61 मैचों में से केवल 26 पारियों में बल्लेबाजी का मौका मिले और उसका स्ट्राइक-रेट 130 से भी कम हो, तो वह निश्चित रूप से एक फिनिशर नहीं हो सकता।

गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 57 पारियों में 7 से कुछ अधिक की इकोनॉमी रेट से 51 विकेट लिए हैं, जिसे बहुत अच्छा नहीं बल्कि सिर्फ ठीक-ठाक कहा जा सकता है। उन्होंने कुल 1049 वैध गेंदें फेंकी हैं, जिसका मतलब है कि हर पारी में औसतन सिर्फ 18 गेंदें (3 ओवर)। इससे साफ है कि ज्यादातर समय उन्हें अपने कोटे के पूरे ओवर खत्म करने का मौका ही नहीं दिया गया।

क्या पावरप्ले में सुंदर को गेंदबाजी सौंपने से डर रही है टीम?
टी20 में पावरप्ले के दौरान बल्लेबाजी की आक्रामक रणनीति में आए बड़े बदलाव के कारण, वाशिंगटन सुंदर जिन्होंने शुरुआती छह ओवरों में नई गेंद से ऑफ-स्पिन डालने वाले गेंदबाज के रूप में पहचान बनाई थी, अब दुनिया भर के आक्रामक बल्लेबाजों के सामने पावरप्ले में गेंदबाजी करने का जोखिम नहीं उठा पा रहे हैं। शुक्रवार को आयरलैंड के खिलाफ मैच में उनसे सिर्फ एक अकेला ओवर फिंकवाया गया और वह भी पारी के 16वें ओवर में लेकर आए। वहीं बल्लेबाजी में नंबर 6 पर उतरने के बाद वह पिच पर फंस गए और 12 गेंदों में सिर्फ 9 रन ही बना सके।

सुंदर के आंकड़े टीम मैनेजमेंट की आंखें खोलने वाले हैं?
इस मामले में एक बेहद हैरान करने वाला विश्लेषण सामने आया है। सुंदर ने जिन 57 पारियों में गेंदबाजी की है, उनमें से केवल 25 बार ही उन्हें अपने कोटे के पूरे 4 ओवर फेंकने का मौका मिला है। दिलचस्प बात यह है कि जब भी उन्हें पूरे 4 ओवर गेंदबाजी करने का अवसर मिला, उनका करियर इकोनॉमी रेट 7.05 से घटकर 6.65 पर आ गया और उनका स्ट्राइक-रेट भी 22.2 से घटकर 20 से कम हो गया। आंकड़े बताते हैं कि आधा-अधूरा कोटा मिलने की तुलना में पूरा कोटा मिलने पर उनका प्रदर्शन कहीं बेहतर हो जाता है।
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दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सुंदर के गलत इस्तेमाल पर उठाए सवाल?
भारत के महान स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने एक इंटरव्यू में इन आंकड़ों की पुष्टि करते हुए टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। अश्विन ने कहा कि इस टीम मैनेजमेंट द्वारा वाशिंगटन सुंदर को पूरा बैक किया जा रहा है। वह इस प्लेइंग इलेवन में एक स्वाभाविक पसंद नजर आते हैं। टीम उन्हें सपोर्ट तो कर रही है, लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि टीम में उनके लिए कोई तय भूमिका नहीं है। कई बार वह मैदान पर होते हैं तो उन्हें सिर्फ एक ओवर मिलता है और कई बार एक भी ओवर नहीं मिलता। अगर आपको याद हो, तो टी20 वर्ल्ड कप के दौरान सुंदर को खिलाने के लिए मैनेजमेंट ने उप-कप्तान अक्षर पटेल तक को ड्रॉप कर दिया था। सुंदर को इतना ज्यादा बैकअप मिल रहा है।

अश्विन ने सुंदर को फिनिशर बनाने पर क्या जताई आपत्ति?
अश्विन इस बात से थोड़े हैरान दिखे कि सुंदर का इस्तेमाल एक फिनिशर के तौर पर किया जा रहा है, जो कि उनकी मुख्य विशेषज्ञता नहीं है। अश्विन ने कहा बल्लेबाजी में भी वे उनका इस्तेमाल फिनिशर के रूप में कर रहे हैं, जबकि वह फिनिशर नहीं हैं। उन्हें अक्षर पटेल की तरह एक फ्लोटिंग रोल मिलना चाहिए, जैसे रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ की जोड़ी अक्षर का इस्तेमाल करती थी।

अश्विन ने आगे बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि वाशिंगटन सुंदर के रोल का गलत इस्तेमाल हो रहा है। अगर आप वास्तव में वाशिंगटन को लंबा मौका देना चाहते हैं, तो उन्हें पावरप्ले खत्म होने के तुरंत बाद गेंदबाजी पर लाएं। आपको उन्हें अक्षर की तरह पूरे 4 ओवर देने होंगे। अगर आप उन्हें पूरा कोटा नहीं देंगे, तो आपको कैसे पता चलेगा कि वह एक भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में विकसित हो सकते हैं या नहीं।
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