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'स्कूल में बोलना अजीब': कोहली ने क्यों कहा ऐसा? छात्रों से बोले- सपनों से ईमानदार रहो, दुनिया खुद रास्ता देगी

Tue, 28 Apr 2026 03:18 PM IST
Swapnil Shashank स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आईपीएल 2026 की व्यस्तता के बीच विराट कोहली दिल्ली में छात्रों के बीच पहुंचे और उन्हें जीवन से जुड़ी अहम सीख दी। कोहली ने कहा कि स्कूल सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि बेहतर इंसान बनने की जगह है। उन्होंने बच्चों से शिक्षकों का सम्मान करने, लक्ष्य जल्दी तय करने और अपने सपनों के प्रति पूरी ईमानदारी रखने की अपील की।
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विराट कोहली - फोटो : ANI
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विस्तार
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रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली मैदान पर जितने आक्रामक नजर आते हैं, उतने ही गंभीर और प्रेरणादायक वह मैदान के बाहर भी हैं। आईपीएल 2026 के व्यस्त कार्यक्रम के बीच विराट ने दिल्ली में छात्रों के बीच पहुंचकर ऐसा संदेश दिया, जिसे सुनकर हर युवा प्रेरित हो सकता है। अपने बचपन के कोच राजकुमार शर्मा की अकादमी की नई शाखा के उद्घाटन के बाद कोहली ने छात्रों से बातचीत की और उन्हें जिंदगी में सही दिशा चुनने की सलाह दी।
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'स्कूल में बोलना थोड़ा अजीब लगता है'
विराट ने शुरुआत में मजाकिया अंदाज में कहा कि स्कूल में भाषण देना उनके लिए आसान नहीं है। उन्होंने कहा, 'मुझे स्कूलों में बोलने की आदत नहीं है, इसलिए यह मेरे लिए थोड़ा अजीब होगा, क्योंकि मैं क्रिकेट के लिए काफी पहले स्कूल माहौल से दूर हो गया था।'

'स्कूल सिर्फ पढ़ाई नहीं, व्यक्तित्व बनाने की जगह'
कोहली ने छात्रों को समझाया कि स्कूल सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं होता, बल्कि इंसान को बेहतर बनाने की जगह है। उन्होंने कहा, 'मैं स्कूल के माहौल को समझता हूं। मैं भी उसी दौर से गुजरा हूं, जिससे आप सभी गुजर रहे हैं। स्कूल वह जगह है जहां आप सीखने आते हैं, बढ़ने आते हैं और बेहतर इंसान बनते हैं।'
 

'शिक्षकों का सम्मान जरूरी'
विराट ने बच्चों से कहा कि शिक्षक अपना समय और जीवन का हिस्सा छात्रों को देते हैं, इसलिए उनका सम्मान करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, 'इस माहौल का सम्मान कीजिए। अपने शिक्षकों का सम्मान कीजिए। वे अपनी जिंदगी का हिस्सा आपको दे रहे हैं। उन्हें वह सम्मान, फोकस और ध्यान देना बहुत जरूरी है जिसकी जरूरत है।'

'सपनों के प्रति ईमानदार बनो'
कोहली ने अपनी क्रिकेट यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने बहुत जल्दी तय कर लिया था कि उन्हें क्रिकेटर बनना है। उन्होंने कहा, 'मैंने बहुत जल्दी खेल को चुना था और यह फैसला पूरी ईमानदारी से लिया था। मुझे यकीन था कि मुझे क्रिकेट को ही आगे बढ़ाना है।' उन्होंने आगे छात्रों से कहा, 'अपने सपनों के प्रति ईमानदार रहो। जो करना चाहते हो, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ करो। सिर्फ तुम जानते हो कि तुम 100 प्रतिशत ईमानदार हो या नहीं।'
 
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बचपन की यादों से जुड़ी अकादमी
कोहली ने बताया कि यह अकादमी उनके जीवन का खास हिस्सा है। उन्होंने कहा, 'मैंने आठ साल की उम्र में यहां अभ्यास शुरू किया था। आज भी समय मिलने पर यहां आता हूं। यह मेरे बचपन का बड़ा हिस्सा है। मुझे उम्मीद है कि यहां क्रिकेट सीखने आने वाले सभी बच्चे इसकी अहमियत समझेंगे, अकादमी से कुछ सीखेंगे। मैं आशा करता हूं कि यह स्कूल और यहां के क्रिकेट सेटअप के लिए शानदार साबित होगा। मैं सभी को दिल से शुभकामनाएं देता हूं।' विराट कोहली ने एक बार फिर साबित किया कि वह सिर्फ महान बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोल मॉडल भी हैं। उनका संदेश साफ है- अगर सपना बड़ा है, तो ईमानदारी और मेहनत भी उतनी ही बड़ी होनी चाहिए।
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