कोच बोले, 'मैच्योरिटी और कॉन्फिडेंस बढ़ा है'
पटना के क्रिकेट अकादमी से जुड़े कोच मनीष ओझा, जिन्होंने 10 साल की उम्र से वैभव को तराशा है, कहते हैं कि बल्लेबाज का गेम तेजी से विकसित हुआ है। कोच के शब्दों में, 'मैंने उनके गेम सेंस में बदलाव देखा है। पहले वैभव आक्रामक थे, लेकिन अब आक्रामकता में समझ जुड़ गई है। आईपीएल 2025 के बाद उनका आत्मविश्वास बहुत बढ़ा है। वे अच्छे गेंदों को भी छक्के में बदल सकते हैं और अगर जरूरत हो तो रुककर खेलने का भी हुनर रखते हैं।' ओझा ने आगे कहा, 'उनकी परिपक्वता बढ़ी है, शॉट चयन में सुधार आया है और वे अब गेंद की प्रकृति के हिसाब से फैसला करते हैं। उनके छक्के अब और बड़े दिखते हैं।'