क्या मौका मिलने पर दोनों हाथों से भुनाएंगे वैभव सूर्यवंशी?
दिलीप वेंगसरकर ने कहा मुझे पूरा विश्वास है कि उन्हें मौका मिलेगा और एक बार जब उन्हें मौका मिल गया, तो वह इसे दोनों हाथों से लपक लेंगे क्योंकि वह एक बेहद बेहतरीन खिलाड़ी हैं। वह बस अविश्वसनीय हैं। उनके भीतर गजब की क्षमता है। वह जो कुछ शॉट्स खेलते हैं, वो अकल्पनीय हैं। उनकी बल्लेबाजी की शैली पूरी तरह से अलग है। वह अपने बल्ले के स्विंग और हैंड-आई कोआर्डिनेशन के दम पर गेंद को मैदान से बाहर भेजने का माद्दा रखते हैं। टी20 फॉर्मेट में तो वह अब तक कमाल रहे हैं।
क्या लंबे फॉर्मेट में भी दिखेगा सूर्यवंशी का जलवा?
जब वेंगसरकर से यह पूछा गया कि क्या सूर्यवंशी के भीतर भारत के लिए लंबे फॉर्मेट (टेस्ट) में खेलने की क्षमता है, तो उन्होंने कहा यह कहना अभी बहुत मुश्किल है क्योंकि वह फिलहाल टी20 फॉर्मेट में खेल रहे हैं। मैंने उन्हें लंबे फॉर्मेट में खेलते हुए नहीं देखा है। लेकिन मुझे यकीन है कि चुने जाने पर वह उसमें भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। हमें थोड़ा इंतजार करना होगा और देखना होगा कि वह लंबे फॉर्मेट में कैसा खेलते हैं, जो कि बेहद महत्वपूर्ण है।
क्या सचिन तेंदुलकर के अनुशासन से सीख ले सकते हैं युवा खिलाड़ी?
वेंगसरकर ने कहा कि सूर्यवंशी इस बात से बहुत कुछ सीख सकते हैं कि सचिन तेंदुलकर ने इतनी कम उम्र में खुद को कैसे संभाला था। उन्होंने याद करते हुए कहा "जब मैंने सचिन तेंदुलकर को खेलते देखा था, तो वह अपनी उम्र के हिसाब से मानसिक रूप से काफी परिपक्व दिखते थे। उन्होंने मुंबई के इंटर-स्कूल टूर्नामेंटों के अलावा क्लब क्रिकेट में भी लगातार रन बनाकर शानदार प्रदर्शन किया था। वह उच्च स्तर की क्रिकेट खेलने के लिए मानसिक रूप से तैयार थे, और यही वजह थी कि हमने उन्हें चुना था। वह बेहद अनुशासित, जुनूनी और फोकस्ड थे। वैभव जैसे युवाओं के लिए उनका यह रवैया अनुकरण करने के लिए एक बेहतरीन उदाहरण है।"
कप्तान के तौर पर श्रेयस अय्यर कैसे आगे से करेंगे लीड?
पूर्व भारतीय कप्तान ने भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम की कमान संभालने वाले श्रेयस अय्यर का पूरा समर्थन किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अय्यर आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व करना जारी रखेंगे। वेंगसरकर ने कहा, कि वह आगे बढ़कर नेतृत्व करना पसंद करते हैं क्योंकि वह एक बल्लेबाज के तौर पर बहुत अच्छा कर रहे हैं, और यही चीज उन्हें एक कप्तान के रूप में कड़े फैसले लेने की ताकत देती है। वह एक बेहद विचारशील कप्तान हैं और वह अच्छा काम करेंगे।
सरफराज खान और देवदत्त पडिक्कल को टेस्ट में क्यों मिलने चाहिए अधिक मौके?
पूर्व मुख्य चयनकर्ता का मानना है कि सरफराज खान और देवदत्त पडिक्कल जैसे बल्लेबाजों को टेस्ट क्रिकेट में और अधिक अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं कुछ साल पहले धर्मशाला में भारत और इंग्लैंड के बीच हुए टेस्ट मैच में सरफराज खान और देवदत्त पडिक्कल के प्रदर्शन से वास्तव में बहुत प्रभावित हुआ था। उन्होंने टेस्ट मैच के एक बेहद नाजुक मोड़ पर एक बेहतरीन साझेदारी की थी। उन्होंने कमाल का मिजाज और बेहतरीन तकनीक दिखाई थी। इसमें कोई शक नहीं है कि सरफराज एक अच्छे खिलाड़ी हैं। लेकिन आप टीम में अपनी जगह को हल्के में नहीं ले सकते और आपको हर समय फिट रहना होगा।
हार्दिक और रोहित के भविष्य को लेकर क्या बोले वेंगसरकर?
चोटिल ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को लेकर वेंगसरकर ने कहा कि पंड्या अच्छी तरह जानते हैं कि उन्हें खुद से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कैसे निकालना है। उन्होंने कहा "वह (पंड्या) अपने शरीर को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं, वह इसका कैसे उपयोग कर सकते हैं और कैसे खुद से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ले सकते हैं। यह काफी हद तक फिटनेस और फोकस पर निर्भर करता है।" वहीं, रोहित शर्मा के 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलने के फैसले पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह रोहित पर ही छोड़ देना चाहिए। वेंगसरकर ने कहा कि उन्होंने भारत के लिए और खुद के लिए बहुत शानदार काम किया है। यह पूरी तरह से उन्हीं पर निर्भर करता है। वह पिछले लगभग 20 वर्षों से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि वह सबसे बेहतर जानते हैं कि चीजों को आगे कैसे लेकर जाना है।