रिंकू को लेकर क्या बोले गंभीर?
इंटरव्यू में टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा, 'ये त्याग कितने बड़े त्याग हैं। मान लो आप किसी विदेश यात्रा पर हो और परिवार को कुछ हो जाए और आप तुरंत नहीं पहुंच सकते। इतने त्याग का बावजूद हम अगर किसी को अंडर-वैल्यू करें और उसे अंडर-रेटेड बोलें तो ये कितनी खराब चीज है। रिंकू ने पिता के निधन के बाद टीम को जॉइन किया। इसमें काफी हिम्मत की जरूरत होती है कि आप वापस टीम से जुड़ें और वो करें जिसकी टीम को सबसे ज्यादा जरूरत है चाहे वो फील्डिंग करना हो या हर तरीके से सपोर्ट करना हो। मेरी नजर में कोई भी इंसान कभी कम नहीं समझा जाएगा। देश को ऐसे बलिदानों को कभी नहीं भूलना चाहिए और इसलिए मैं कहता हूं खिलाड़ियों को गलतियां करने की इजाजत होनी चाहिए।'
पिता के साथ रिंकू सिंह
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रिंकू सिंह के पिता खानचंद्र की फाइल फोटो और मोक्षधाम में रिंकू सिंह
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'आपसे बात किए बिना इतने दिन कभी नहीं निकले'
वर्ल्ड कप जीत के बाद रिंकू सिंह ने इंस्टाग्राम पर अपने पिता को याद करते हुए लिखा कि उनके बिना जीवन की कल्पना करना भी मुश्किल है। उन्होंने भावुक शब्दों में लिखा, 'आपसे बात किए बिना इतने दिन कभी नहीं निकले। मुझे नहीं पता आगे की जिंदगी आपके बिना कैसे चलेगी, लेकिन मुझे हर कदम पर आपकी जरूरत पड़ेगी।' रिंकू के इस संदेश ने यह दिखाया कि उनके जीवन में उनके पिता का कितना बड़ा स्थान था।
पिता के सपने को पूरा करने की कोशिश
रिंकू सिंह ने अपने पोस्ट में यह भी बताया कि उनके पिता ने उन्हें हमेशा सिखाया था कि कर्तव्य सबसे पहले आता है। यही सीख उन्हें मैदान पर मजबूती से खड़े रहने की प्रेरणा देती रही। उन्होंने लिखा, 'आपने सिखाया था कि फर्ज सबसे आगे है, इसलिए मैदान पर बस आपका सपना पूरा करने की कोशिश कर रहा था। अब आपका सपना पूरा हो गया है, तो बस यही लगता है कि काश आप मेरे पास होते।'
रिंकू सिंह और उनके माता-पिता
- फोटो : Rinku Singh (instagram)
शाहरुख खान, रिंकू सिंह
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