दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने सात विकेट से शानदार जीत दर्ज की। पहले गेंदबाजी करते हुए भारत ने अफगानिस्तान को आठ विकेट पर 156 रन के स्कोर तक सीमित रखा और फिर अभिषेक शर्मा की तूफानी पारी के दम पर लक्ष्य महज 13.4 ओवर में हासिल कर लिया। अभिषेक ने 32 गेंदों पर 82 रन बनाए। स्कोरकार्ड भारत के लिए पूरी तरह शानदार रहा, लेकिन मैच ने टीम की मौजूदा प्लेइंग-11 की कुछ कमियां भी सामने ला दीं। खासकर पांचवें गेंदबाज का विकल्प और शीर्ष क्रम में जगह को लेकर आने वाले मुकाबलों में टीम प्रबंधन के सामने चुनौती रहने वाली है। एशियाई खेलों से पहले भारत को इनमें सुधार करना होगा।
आइए पहले मजबूती जानते हैं...
बुमराह-अर्शदीप
- फोटो : ANI
मजबूती नंबर-1: चार मुख्य गेंदबाजों ने किया कमाल
भारत के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक बात उसके चार मुख्य गेंदबाजों का प्रदर्शन रहा। जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती ने मिलकर अफगानिस्तान के बल्लेबाजों को खुलकर हाथ खोलने का मौका नहीं दिया। इन चारों ने मिलकर 96 गेंदों में 57 डॉट गेंदें फेंकीं। यही भारत की गेंदबाजी की सबसे बड़ी ताकत रही। बुमराह ने वापसी करते हुए 1/26 का प्रदर्शन किया, जबकि अर्शदीप सिंह ने 3/19 लेकर अफगानिस्तान की कमर तोड़ दी। अक्षर और वरुण ने भी अपनी कसी हुई गेंदबाजी से बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा।
भारत बनाम अफगानिस्तान पहला टी20
- फोटो : ANI
मजबूती नंबर-2: भारत ने अफगानिस्तान के छक्के रोक दिए
टी20 क्रिकेट में बड़े शॉट रोकना मैच की दिशा तय कर सकता है और भारत के मुख्य गेंदबाज इस मामले में शानदार रहे। अफगानिस्तान की टीम ने 156 रन बनाए, लेकिन उसकी पारी में सिर्फ सात छक्के आए। बुमराह ने अपनी शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंदों से बल्लेबाजों को बांधे रखा। वहीं अर्शदीप ने अलग रणनीति अपनाते हुए फुल लेंथ और यॉर्कर से विकेट निकाले। स्पिनरों ने भी बल्लेबाजों को हाथ खोलने से रोकने के लिए स्टंप पर लगातार हमला किया।
भारत बनाम अफगानिस्तान पहला टी20
- फोटो : ANI
मजबूती नंबर-3: अभिषेक शर्मा का तूफान
भारत की जीत का सबसे बड़ा आकर्षण अभिषेक शर्मा रहे। उन्होंने सिर्फ 32 गेंदों में 82 रन ठोक दिए। उनकी पारी में सात चौके और सात छक्के शामिल रहे। अभिषेक ने जिस अंदाज में लक्ष्य का पीछा किया, उससे भारत को रन रेट की चिंता ही नहीं करनी पड़ी। उन्होंने शुरुआत से ही अफगानिस्तान के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया और भारत ने 13.4 ओवर में मुकाबला खत्म कर दिया। यह प्रदर्शन बताता है कि भारत के पास पावरप्ले में मैच को एकतरफा करने की क्षमता मौजूद है।
भारत बनाम अफगानिस्तान पहला टी20
- फोटो : ANI
मजबूती नंबर-4: लक्ष्य का पीछा करने की आक्रामक क्षमता
भारत की बल्लेबाजी का एक और मजबूत पक्ष यह रहा कि टीम ने 157 रन के लक्ष्य को बेहद तेजी से हासिल किया। अभिषेक के साथ बल्लेबाजी क्रम ने जोखिम लेने में हिचक नहीं दिखाई। टी20 में यही आक्रामक सोच भारत को विरोधी टीम से काफी आगे ले जा सकती है।
भारत बनाम अफगानिस्तान पहला टी20
- फोटो : ANI
मजबूती नंबर-5: बुमराह की वापसी से बढ़ी गेंदबाजी की ताकत
करीब छह महीने बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में लौटे बुमराह ने तुरंत अपना प्रभाव दिखाया। उनकी वापसी से भारत के गेंदबाजी आक्रमण को अनुभव और विविधता दोनों मिली हैं। अगर बुमराह, अर्शदीप, अक्षर और वरुण इसी तरह प्रदर्शन करते रहे तो भारत का मुख्य गेंदबाजी आक्रमण किसी भी टी20 टीम के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है। यह आगामी एशियाई खेलों से पहले भारत के लिए सबसे सकारात्मक पक्ष है।
अब चार कमजोरियां, जिन पर भारत को काम करना होगा
नीतीश रेड्डी
- फोटो : BCCI
कमजोरी नंबर-1: पांचवें गेंदबाज की समस्या फिर सामने आई
भारत की सबसे बड़ी चिंता एक बार फिर पांचवें गेंदबाज को लेकर सामने आई। नीतीश कुमार रेड्डी और शिवम दुबे ने मिलकर तीन ओवर डाले और इन ओवरों में कुल 51 रन खर्च हुए। यानी औसतन इकॉनमी रेट 17 रन प्रति ओवर रही। इसके मुकाबले बाकी चार मुख्य गेंदबाजों की संयुक्त इकॉनमी सिर्फ 6.56 रही। यही अंतर बताता है कि भारत के मुख्य गेंदबाज कितने प्रभावी थे और पांचवें गेंदबाज का विकल्प कितना कमजोर नजर आया।
भारत बनाम अफगानिस्तान पहला टी20
- फोटो : ANI
कमजोरी नंबर-2: 43/5 के बाद अफगानिस्तान ने वापसी कर ली
एक समय अफगानिस्तान का स्कोर 43 रन पर पांच विकेट था। यहां भारत के पास उसे बेहद छोटे स्कोर पर रोकने का मौका था, लेकिन इसके बाद अजमतुल्लाह ओमरजई ने 64 रन की पारी खेलकर पारी को संभाल लिया और अफगानिस्तान 156/8 तक पहुंच गया। अगर भारत को बड़े टूर्नामेंटों में मजबूत टीमों से मुकाबला करना है तो ऐसी स्थिति में विरोधी टीम को वापसी का मौका नहीं देना होगा।
भारत बनाम अफगानिस्तान पहला टी20
- फोटो : ANI
कमजोरी नंबर-3: आखिरी ओवर में 21 रन खर्च
शिवम दुबे को पारी का 20वां ओवर करना पड़ा और उसमें 21 रन चले गए। अजमतुल्लाह ओमरजई और मुजीब उर रहमान ने इस ओवर में दो छक्के और दो चौके लगाए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि उस समय दुबे के लिए स्थिति आसान नहीं थी, क्योंकि उन्हें पुरानी गेंद से सेट बल्लेबाजों के सामने गेंदबाजी करनी पड़ी। लेकिन यही भूमिका भारत को आगे भी निभानी होगी। इसलिए पांचवें गेंदबाज की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
भारत बनाम अफगानिस्तान पहला टी20
- फोटो : ANI
कमजोरी नंबर-4: संजू सैमसन फिर नहीं कर पाए प्रभावित
भारत की बल्लेबाजी में सबसे बड़ा सवाल संजू सैमसन को लेकर उठा। वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखकर अनुभवी सैमसन को अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने का मौका मिला, लेकिन सैमसन सिर्फ 10 रन बनाकर आउट हो गए। एक मैच के आधार पर किसी खिलाड़ी पर फैसला देना जल्दबाजी होगी, लेकिन वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी के लगातार चर्चा में रहने के कारण सैमसन के लिए हर मौका महत्वपूर्ण होता जा रहा है।
भारत बनाम अफगानिस्तान पहला टी20
- फोटो : ANI
अभिषेक शर्मा शानदार फॉर्म में हैं। दूसरी तरफ वैभव सूर्यवंशी लगातार चर्चा में बने हुए हैं और ईशान किशन भी विकेटकीपर-बल्लेबाज के विकल्प के रूप में मौजूद हैं। ऐसे में सैमसन के लिए अपनी जगह पक्की रखना आसान नहीं होगा। वैभव ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अभी सीमित मौके ही पाए हैं, इसलिए एक मैच के बाद उन्हें सैमसन से आगे रखना जल्दबाजी होगी। लेकिन इतना तय है कि युवा खिलाड़ी के उभरने से शीर्ष क्रम में प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है।
भारत बनाम अफगानिस्तान पहला टी20
- फोटो : ANI
पांचवें गेंदबाज पर फैसला सबसे अहम
भारत के लिए आगे सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी में पांचवें गेंदबाज के चार ओवर कैसे पूरे किए जाएं। अगर नीतीश और दुबे गेंद से भरोसा नहीं दिला पाते हैं तो टीम प्रबंधन वॉशिंगटन सुंदर जैसे विकल्प पर विचार कर सकता है। हालांकि इसके लिए टीम को बल्लेबाजी और गेंदबाजी के संतुलन पर भी फैसला लेना होगा।
भारत बनाम अफगानिस्तान पहला टी20
- फोटो : ANI
जीत बड़ी है, लेकिन तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं
अफगानिस्तान के खिलाफ सात विकेट की जीत भारत के लिए शानदार शुरुआत है। अभिषेक शर्मा का तूफान और चार मुख्य गेंदबाजों का प्रदर्शन टीम की सबसे बड़ी ताकत रहा, लेकिन इस जीत के बीच पांचवें गेंदबाज की समस्या फिर सामने आई। नीतीश और दुबे की गेंदबाजी में सुधार जरूरी होगा। वहीं संजू सैमसन के लिए भी आगे आने वाले मुकाबले बेहद महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन जैसे विकल्प टीम में मौजूद हैं। यानी दिल्ली में भारत ने मैच तो आसानी से जीत लिया, लेकिन आने वाले बड़े मुकाबलों से पहले पांचवें गेंदबाज और शीर्ष क्रम का संतुलन अभी भी टीम इंडिया की सबसे बड़ी पहेली बना हुआ है।