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T20 WC: पाकिस्तान के मैच बहिष्कार के फैसले पर भड़का बांग्लादेश! PCB से पूछा- हमें क्यों नुकसान में झोंक रहे?

Thu, 05 Feb 2026 10:17 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ढाका

सार

पाकिस्तान का भारत के खिलाफ मैच बहिष्कार अब उल्टा पड़ता दिख रहा है। जिस बांग्लादेश के समर्थन में यह कदम उठाया गया, वही अब आर्थिक नुकसान को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। साफ है कि भारत-पाकिस्तान मुकाबला सिर्फ दो देशों की प्रतिद्वंद्विता नहीं, बल्कि वैश्विक क्रिकेट अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसे सियासत की भेंट चढ़ाने का नुकसान आखिरकार सभी को भुगतना पड़ सकता है।
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आईसीसी अध्यक्ष जय शाह, पीसीबी चीफ नकवी और बीसीबी अध्यक्ष बुलबुल - फोटो : ANI/Twitter
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विस्तार
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टी20 विश्वकप 2026 से पहले हाईवोल्टेज ड्रामा जारी है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बाद अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने बेशर्मी की हद पार कर दी है। उसने 15 फरवरी को भारत के खिलाफ ग्रुप मैच के बहिष्कार का एलान किया है। हालांकि, इस मैच का बहिष्कार कर पाकिस्तान ने जिस सियासी लड़ाई की शुरुआत की थी, वह अब खुद उसके कथित सहयोगी बांग्लादेश के लिए ही परेशानी बनती दिख रही है। इस फैसले से न सिर्फ आईसीसी और पीसीबी को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है, बल्कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के भीतर भी असंतोष उभर आया है। 
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भारत-पाकिस्तान मैच: क्रिकेट की सबसे बड़ी कमाई
भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला टी20 मुकाबला दुनिया के सबसे कमाऊ क्रिकेट मैचों में गिना जाता है। ब्रॉडकास्ट राइट्स, विज्ञापन, स्पॉन्सरशिप, टिकट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को मिलाकर इस मुकाबले की कीमत लगभग 500 मिलियन डॉलर आंकी जाती है। इस कमाई का बड़ा हिस्सा आईसीसी के पास जाता है, जिसे बाद में सभी सदस्य बोर्डों में बांटा जाता है। ऐसे में यह सिर्फ भारत या पाकिस्तान का नहीं, बल्कि पूरी क्रिकेट दुनिया का आर्थिक इंजन माना जाता है। हालांकि, अब जब पीसीबी ने इस मैच के बहिष्कार का सोचा है तो आईसीसी नुकसान की भरपाई पीसीबी को मिलने वाले फंड से चुकाकर कर सकता है।

बांग्लादेश क्यों हुआ नाराज?
दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार बांग्लादेश के समर्थन में किया था, जब बांग्लादेश ने भारत में खेलने से इनकार किया और उसे टूर्नामेंट से बाहर कर स्कॉटलैंड को शामिल किया गया। लेकिन अब बीसीबी का एक धड़ा इस फैसले से खुश नहीं है। बांग्लादेशी अखबार प्रथम आलो से बात करते हुए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के एक वरिष्ठ निदेशक ने कहा, 'अगर भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होता है, तो पूरी क्रिकेट दुनिया को आर्थिक नुकसान होगा। हमारा डिविडेंड भी घटेगा। हम ऐसा नुकसान नहीं चाहते थे।'

आईसीसी रेवेन्यू घटने की चिंता
बीसीबी के एक अन्य अधिकारी ने साफ तौर पर आईसीसी की कमाई घटने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'इससे आईसीसी के सेंट्रल रेवेन्यू पूल पर सीधा असर पड़ेगा। हम भी उस फंड के हिस्सेदार हैं। छोटे देश शायद एक-दो लाख डॉलर से संतुष्ट हो जाएं, लेकिन हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ हम कैसे टिक पाएंगे?'
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पाकिस्तान का मकसद क्या था?
बीसीबी अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तान का मकसद साफ था, भारत के खिलाफ सख्त संदेश देना और भारतीय क्रिकेट के दबदबे को चुनौती देना। एक अधिकारी ने माना, 'उस नजरिए से यह फैसला पाकिस्तान के लिए समझ में आ सकता है।' लेकिन सवाल यही है कि क्या इस सियासी संदेश के लिए बाकी क्रिकेट जगत को नुकसान में झोंकना सही है?

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