कप्तान शाई होप और शमार जोसेफ के चार विकेट और चार कैच की बदौलत वेस्टइंडीज ने इटली को 42 रन से हराया। इस जीत के साथ टीम ने ग्रुप-सी में शीर्ष स्थान बरकरार रखते हुए सुपर-आठ में प्रवेश किया।
होप की कप्तानी पारी से मजबूत स्कोर
अनुकूल पिच पर बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने छह विकेट पर 165 रन बनाए। कप्तान शाई होप ने 46 गेंदों में 75 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें छह चौके और चार छक्के शामिल रहे। उन्होंने 28 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर टीम को स्थिर शुरुआत दी।
हालांकि, रोस्टन चेज (24) की धीमी पारी के कारण रनगति कुछ समय के लिए थमी रही। शेरफेन रदरफोर्ड (नाबाद 24) और मैथ्यू फोर्डे (नाबाद 16) ने अंतिम ओवरों में उपयोगी योगदान देकर टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया। इटली के स्पिनरों ने अनुशासित गेंदबाजी की। बेन मैनेंटी और कृशान कालुगामगे ने दो-दो विकेट लेकर वेस्टइंडीज को बड़े स्कोर से रोके रखा।
जोसेफ का ऐतिहासिक प्रदर्शन
लक्ष्य का पीछा करते हुए इटली की शुरुआत खराब रही। पावरप्ले में ही तीन विकेट गिर गए और टीम दबाव में आ गई। यहीं से शामार जोसेफ ने मैच पर पकड़ मजबूत की। उन्होंने 30 रन देकर चार विकेट झटके और चार कैच भी लपके। इस प्रदर्शन के साथ वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक मैच में चार विकेट और चार कैच लेने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। मैथ्यू फोर्डे (तीन विकेट) और गुडाकेश मोती (दो विकेट) ने भी अहम योगदान दिया। इटली की पूरी टीम 18 ओवर में 123 रन पर सिमट गई।
इटली की कोशिशें रहीं अधूरी
एंथनी मोस्का और जेजे स्मट्स ने कुछ अच्छे शॉट लगाए, लेकिन कोई भी बल्लेबाज 30 रन तक नहीं पहुंच पाया। बेन मैनेंटी ने संघर्ष जरूर किया, पर साझेदारी नहीं बन सकी। इटली ने गेंदबाजी में अनुशासन दिखाया, मगर बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी के कारण टीम जीत से दूर रह गई। चार मैचों में एक जीत के साथ उनका अभियान समाप्त हुआ।
सुपर-आठ में वेस्टइंडीज
इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने ग्रुप-सी में शीर्ष स्थान हासिल कर सुपर-आठ में प्रवेश किया। अगले चरण में उसका मुकाबला भारत, दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे से होगा। दो बार की चैंपियन टीम ने यह साबित कर दिया कि अनुभव और संतुलित प्रदर्शन के दम पर वह खिताब की मजबूत दावेदार है। कप्तान होप की स्थिर बल्लेबाजी और जोसेफ की धारदार गेंदबाजी टीम के लिए बड़े टूर्नामेंट में अहम साबित हो सकती है।