विश्व कप की उस रात क्या हुआ था जिसने शेडगे को भावुक कर दिया?
भारतीय टीम में जगह बनाने के बाद अपनी इस अविश्वसनीय यात्रा पर बात करते हुए सूर्यांश शेडगे ने उस पल को याद किया, जिसने उनके जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया। शेडगे ने कहा कि क्रिकेट देखते हुए मैं अपने जीवन में पहली बार तब रोया था, जब भारत ने 2011 का विश्व कप जीता था। उस रात जब भारतीय टीम ट्रॉफी उठा रही थी, तो उसे देखकर मेरे अंदर कुछ बदल गया। मैंने उसी पल तय कर लिया कि मुझे भी एक दिन सबसे बड़े मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है। उसी दिन से मैंने इस सपने को जीने और इसके लिए कड़ी मेहनत करना शुरू कर दिया था।
भारतीय जर्सी पहनने के बाद कैसा था सूर्यांश शेडगे का अनुभव?
शेडगे ने बताया कि मैं अच्छी तरह जानता था कि यह रास्ता आसान नहीं होने वाला है, लेकिन मैं हर चुनौती और कड़ी मेहनत के लिए तैयार था। जब मैंने पहली बार भारतीय टीम की आधिकारिक जर्सी पहनी, तो उस फीलिंग को शब्दों में बयां करना नामुमकिन है। सुबह जल्दी उठना, मैदान पर पसीना बहाना और कई तरह के त्याग करना, उस एक पल में सब कुछ सफल हो गया। बचपन से मैंने सिर्फ इसी दिन का सपना देखा था। भारतीय जर्सी पहनना मेरे लिए सिर्फ एक सपने का पूरा होना भर नहीं है, बल्कि यह मेरे करियर की एक नई शुरुआत है।