10 साल तक भारतीय टीम का हिस्सा बनने की क्षमता
आईएएनएस से विशेष बातचीत में जतिन परांजपे ने कहा कि सूर्यांश शेडगे के पास वह सभी गुण हैं जो किसी खिलाड़ी को लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल बनाते हैं। उन्होंने कहा, 'वह एक स्वाभाविक टी20 खिलाड़ी हैं और यह उनके लिए फायदेमंद रहेगा। उन्हें यह समझ आएगा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आईपीएल की तुलना में अधिक दबाव और तेजी होती है। इसलिए उन्हें इस माहौल में ढलने में तीन-चार मैच लग सकते हैं। हालांकि, मुझे पूरा भरोसा है कि उनके पास अगले 10 वर्षों तक भारत के लिए खेलने की क्षमता और मानसिक दृढ़ता है।'
आयरलैंड और इंग्लैंड का दौरा क्यों है खास?
परांजपे का मानना है कि शेडगे के अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत के लिए इससे बेहतर मंच नहीं हो सकता था। उनके अनुसार आयरलैंड और इंग्लैंड की परिस्थितियां एक ऐसे ऑलराउंडर के लिए आदर्श हैं जो बल्लेबाजी के साथ-साथ मध्यम गति की गेंदबाजी भी करता हो।उन्होंने कहा, 'मैं उनके लिए बेहद खुश हूं। आयरलैंड और इंग्लैंड का दौरा सूर्यांश जैसे ऑलराउंडर के लिए बिल्कुल उपयुक्त है। वहां गेंद हवा में और पिच से कुछ मूव करेगी। बल्लेबाजी के नजरिए से भी मुझे लगता है कि उन्हें ये परिस्थितियां पसंद आएंगी। जब कोई खिलाड़ी अपना अंतरराष्ट्रीय करियर शुरू करता है तो कई चीजों का उसके पक्ष में होना महत्वपूर्ण होता है और उनमें से एक वह जगह भी होती है जहां वह पदार्पण कर रहा है। इसे लेकर मैं काफी उत्साहित हूं।'
आईपीएल और इंडिया ए में दमदार प्रदर्शन का इनाम
सूर्यांश शेडगे ने पिछले कुछ महीनों में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के लिए उन्होंने सात पारियों में 39.50 की औसत और 175.55 के शानदार स्ट्राइक रेट से 158 रन बनाए। इसके बाद श्रीलंका में इंडिया ए की त्रिकोणीय श्रृंखला में भी उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दिया। परांजपे का मानना है कि यह चयन किसी संयोग का नतीजा नहीं, बल्कि लगातार मेहनत और प्रदर्शन का पुरस्कार है।
तकनीक से ज्यादा मानसिक मजबूती पर रहा फोकस
पिछले दो वर्षों से शेडगे के साथ काम कर रहे परांजपे ने बताया कि उनका लक्ष्य खिलाड़ी के खेल को पूरी तरह बदलना नहीं, बल्कि उसकी प्राकृतिक क्षमताओं को और बेहतर बनाना था। उन्होंने कहा, 'वह पहले से ही बेहद काबिल खिलाड़ी थे। आपको बस उन्हें मानसिक तौर पर थोड़ा आराम देने और यह बताने की जरूरत होती है कि आप उन पर उतना ही विश्वास करते हैं जितना वे खुद पर करते हैं। हमारा काफी समय मैच की परिस्थितियों पर चर्चा करने और उनके सोचने के तरीके को समझने में बीता।'
उन्होंने आगे कहा, 'आप खेल को जितना सरल रखेंगे, उतना ही बेहतर होगा। दुनिया के सभी महान खिलाड़ी चीजों को सरल रखते हैं। हमने इस बात पर चर्चा की कि हर गेंद का सामना करते समय उनकी 'सेल्फ-टॉक' कैसी होनी चाहिए और उसे लगातार सरल बनाए रखना चाहिए।'